इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने घोषणा की है कि फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के फ़तह गुट के उसकी जेलों में बंद 250 सदस्यों को रिहा किया जाएगा.
उन्होंने ये घोषणा मिस्र में चल रहे सम्मेलन में की जिसमें महमूद अब्बास और मिस्र व जॉर्डन के नेता हिस्सा ले रहे हैं.
शर्म अल शेख में आयोजित इस बैठक में फ़लस्तीनी नेता अब्बास, मिस्र के नेता होस्नी मुबारक और जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने हिस्सा लिया.
एहुद ओल्मर्ट ने घोषणा की,'' फ़लस्तीनी लोगों के प्रति सदभावना के बतौर मैं इसराइली कैबिनेट के सामने फ़तह के 250 क़ैदियों को रिहा करने का प्रस्ताव पेश करूंगा.''
उनका कहना था कि इन लोगों को एक लिखित आश्वासन देना होगा कि वे हिंसा का रास्ता फिर नहीं अपनाएँगे.
इसराइल की जेलों में लगभग 10 हज़ार फ़लस्तीनी बंद हैं और इनमें से कई तो बिना किसी आरोप के बंद हैं.
दूसरी ओर महमूद अब्बास ने इसराइल से पहले से तय कार्यक्रम पर गंभीरता से अमल करने को कहा.
उनका कहना था," शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का एक अवसर आया है और मैं इसे हाथ से नहीं जाने देना चाहता हूँ.''
हमास के ख़िलाफ़ मुहिम
ये सम्मेलन अब्बास को समर्थन देने और प्रतिद्वंद्वी गुट हमास को अलग थलग करने के लिए आयोजित किया गया था.
उल्लेखनीय है कि अब्बास के विरोधी हमास ने कुछ दिन पहले ग़ज़ा पट्टी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था.
रविवार को इसराइल हमास को छोड़ नई फ़लस्तीनी सरकार को रोकी हुई कर राशि देने पर राज़ी हो गया था.
जनवरी, 2006 में फ़लस्तीनी चुनाव में हमास के सत्ता में आने के बाद इसराइल ने करोड़ों रुपए की कर राशि को रोक दिया था.
इसराइल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि रोकी गई धनराशि अब्बास को दी जाएगी.
ग़ौरतलब है कि पश्चिमी तट फिलहाल अब्बास के संगठन फ़तह के नियंत्रण में है.