सोमवार, 25 जून, 2007 को 00:05 GMT तक के समाचार
कनाडा में एयर इंडिया के विमान हादसे के 22 साल बाद 'कनिष्क स्मारक' का अनावरण शनिवार को टोरंटो में किया गया.
इस स्मारक पर उन सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के नाम अंकित हैं जो विमान में हुए बम धमाके में मारे गए थे.
कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफ़न हार्पर ने अनावरण करते हुए कहा कि उनकी सरकार चरमपंथ को लेकर चिंतित है.
ग़ौरतलब है कि चरमपंथियों ने आयरलैंड के तट के ऊपर 23 जून, 1985 को एयर इंडिया के कनिष्क विमान को बम धमाके से उड़ा दिया था.
यह विमान कनाडा से भारत आ रहा था और धमाके से विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे.
कनिष्क विमान धमाका विमान इतिहास में सबसे बड़े चरमपंथी हमलों में से एक माना जाता है.
धमाका
एयर इंडिया की उड़ान संख्या 182 कनाडा से भारत जा रही थी और वह टोरंटो से उड़ान भरकर मांट्रियाल में भी कुछ देर के लिए रुकी थी.
जिस समय उसमें बम विस्फोट हुआ, तब वह लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से क़रीब 45 मिनट की दूरी पर था.
लेकिन कनिष्क विमान अचानक राडार से ग़ायब हो गया था और विस्फोट के बाद विमान का मलबा आयरलैंड के तटवर्ती इलाक़े में बिखर गया था.
विमान में ज़्यादातर भारतीय मूल के यात्री थे जो मुंबई या दिल्ली जा रहे थे.
कनिष्क मामले में दो अभियुक्त कनाडा के ही नागरिक रिपुदमन सिंह मलिक और अजायब सिंह बागड़ी पर लंबे समय तक मुक़दमा चला और मार्च, 2005 में उन्हें बरी कर दिया गया था.
इस धमाके में मारे गए लोगों के परिजनों ने इस पर नाराज़गी जताई थी और व्यापक जाँच की माँग की थी.
बाद में कनाडा की संसद में विपक्ष की माँग और मतदान के बाद ही व्यापक जाँच की माँग मानी गई थी.