रविवार, 24 जून, 2007 को 10:03 GMT तक के समाचार
इराक़ की एक अदालत ने पू्र्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के चचेरे भाई अली हसन अल-माजिद यानी केमिकल अली को मौत की सज़ा सुनाई है.
उन्हें 1988 में कुर्दों की सामूहिक हत्या का दोषी पाया गया है.
इस मामले में दो और लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है, जबकि दो अन्य को कारावास की सज़ा सुनाई गई है. एक व्यक्ति को सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया है.
आरोप था कि केमिकल अली सहित इन सभी लोगों ने अनफ़ाल अभियान के तहत कुर्दों के ख़िलाफ़ ज़हरीली गैसों का प्रयोग कर सामूहिक नरसँहार किया.
अभियोजन पक्ष का कहना है कि अनफ़ाल अभियान के दौरान एक लाख 80 हज़ार कुर्द मारे गए थे.
इन अभियान में शामिल होने का आरोप सद्दाम हुसैन पर भी था और दिसंबर 2006 में उन्हें फाँसी दी गई तब इस आरोप में भी उन पर मुक़दमा चल रहा था.
अली हसन अल-माजिद यानी ‘केमिकल अली’ सद्दाम हुसैन के बेहद क़रीबी थे और सद्दाम हुसैन के कार्यकाल में बेहद ताक़तवर थे.
सद्दाम के पारिवारिक मामलों से लेकर बाथ पार्टी तक के मामलों के बीच उनकी अहम भूमिका थी.
पाँच को सज़ा
अदालत ने उत्तरी इराक़ के बाथ पार्टी नेता केमिकल अली पर सामूहिक जनसंहार, युद्धापराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध या मानवाधिकार हनन के लिए दोषी पाया.
इसके अलावा इराक़ के पूर्व रक्षामंत्री सुल्तान हाशिम अहमद को भी युद्धापराध और मानवाधिकार हनन के लिए मौत की सज़ा सुनाई गई है.रिपब्लिकन गार्ड के पूर्व प्रमुख हुसैन राशिद अल-तिकरीति को भी इन्हीं आरोपों में मौत की सज़ा दी गई है.
सेना के पूर्व कमांडर फ़रहान अल-जिबौरी और ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख साबिर अब्दुल अज़ीज़ को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
जबकि निनेवेह प्रांत के पूर्व गवर्नर ताहिर मोहम्मद अल-अनी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है.