गुरुवार, 21 जून, 2007 को 10:45 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया सरकार देश के उत्तरी क्षेत्र के क़बायली इलाक़ों में बच्चों के यौन शोषण पर रोक लगाने के प्रयासों के तहत वहाँ शराब और यौन फ़िल्म बनाने की गतिविधियों पर पाबंदी लगाने जा रही है.
सरकार ने घोषणा की है कि क़बायली इलाक़ों में तमाम बच्चों की मेडिकल जाँच की जाएगी.
ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में लगभग 45 क़बायली समूह रहते हैं जिनके बारे में एक रिपोर्ट पिछले सप्ताह प्रकाशित हुई थी. उस रिपोर्ट में कहा गया था कि सभी क़बायली समूहों में बच्चों का यौन शोषण हो रहा है.
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि इस स्थिति के लिए नशाख़ोरी और ग़रीबी मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने इस स्थिति को राष्ट्रीय आपदा क़रार दिया है.
जॉन हॉवर्ड ने संसद में कहा, "यह एक दुखद और बेहद अफ़सोस की बात है. इस तरह की असाधारण और दुखद स्थिति से निपटने के लिए भी असाधारण उपायों की ज़रूरत होगी."
जॉन हॉवर्ड ने कहा कि देश की संघीय सरकार उत्तरी क्षेत्र में क़बायली इलाक़ों का नियंत्रण अगले पाँच साल तक अपने हाथ में रखेगी ताकि नए क़ानून असरदार तरीके से लागू किए जा सकें.
पिछले क़रीब एक दशक के दौरान क़बायली समुदायों को अपना ख़ुद का शासन चलाने की छूट मिलती रही है. अब नए उपायों पर क़बायली नेताओं ने अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर किया है.
सिडनी में एक क़बायली संगठन के निदेशक रे मिन्नीकैम्ब ने बीबीसी से कहा, "एक बेहद गंभीर मसले पर सरकार की यह एक और कड़ी प्रतिक्रिया है. क़बायली इलाक़ों में शराब पर पाबंदी लगाने का फ़ैसला मूर्खतापूर्ण है क्योंकि इस तरह की पाबंदी क़बायली नेताओं ने ख़ुद ही वहाँ पिछले बीस-तीस साल से लगा रखी है."
उन्होंने कहा, "अगर जॉन हॉवर्ड इस पाबंदी को असरदार बनाना चाहते हैं तो उन्हें ऐसे शहरों में शराब पर पाबंदी लगानी होगी जहाँ गोरे लोग क़बायली लोगों के साथ-साथ रहते हैं."
कंप्यूटर तलाश
नए उपायों के तहत क़बायली इलाक़ों में शराब की बिक्री, उसे अपने पास रखने, ख़ुद पीने और उसे एक स्थान से किसी दूसरे स्थान पर ले जाने की गतिविधियों पर छह महीने के लिए पाबंदी लगाई जा रही है.
यौन और अश्लील फ़िल्में बनाने पर भी पाबंदी लगाई जा रही है और सार्वजनिक धन से चलने वाले तमाम कंप्यूटरों की तलाशी ली जाएगी कि कहीं उनमें कोई अश्लील तस्वीरें या फ़िल्में तो नहीं रखी गई हैं.
सरकार के कल्याणकारी भत्तों और लाभ पर भी कुछ पाबंदी लगाई जाएगी ताकि लोग इस राशि से शराब नहीं ख़रीद सकें.
सरकार की तरफ़ से कल्याणकारी राशि सिर्फ़ उन्हीं बच्चों को दी जाएगी जो स्कूल जाते हैं और नए नियमों में यह भी बताया जाएगा कि उस राशि को किस तरह ख़र्च किया जाए ताकि बच्चों और किशोरों को समुचित रूप से खाना-पानी और कपड़े वग़ैरह मिल सकें.