सोमवार, 18 जून, 2007 को 16:16 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने कहा है कि अगर बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्स्टन को सोमवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अपहर्ताओं के ख़िलाफ़ बल प्रयोग कर सकता है.
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "जॉनस्टन को छोड़ने के लिए सोमवार का दिन अपहर्ताओं के लिए आख़िरी दिन है." ग़ज़ा से बीबीसी संवाददाता जॉन्स्टन का मार्च में अपहरण कर लिया गया था.
अपने को द आर्मी ऑफ़ इस्लाम कहने वाले गुट का दावा है कि एलेन जॉन्स्टन का अपहरण उसने किया है.
ग़ज़ा पर इस समय हमास का नियंत्रण है हालाँकि फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास ने हमास की सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया है और नए प्रधानमंत्री सलाम फ़य्याद को शपथ दिला दी गई है.
कोशिश
हमास का कहना है कि एलेन जॉन्स्टन के साथ अतिथि जैसा व्यवहार होना चाहिए. हमास के वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "अगर जॉन्स्टन को नहीं छोड़ा जाता है तो हम उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए हरसंभव रास्ता अपनाएँगे."
माना जाता है कि अपहर्ताओं को धमकी देने वाले हमास के वरिष्ठ अधिकारी महमूद ज़हार है. ज़हार फ़लस्तीनी विदेश मंत्री रह चुके हैं. लेकिन ब्रितानी सरकार ने कहा है कि इस मामले को संयम से हल किया जाना चाहिए.
ब्रितानी विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी किम हॉवेल्स ने कहा, "हमास इसे अच्छी तरह जानता है कि जॉन्स्टन के मामले में बातचीत संवेदनशील है. हमें उम्मीद है कि हमास समर्थन हासिल करने की कोशिश के तहत ऐसा नहीं कर रहा है."
शुक्रवार को हमास ने कहा था कि वह जॉन्स्टन के अपहर्ताओं से संपर्क में है और वह ज़्यादा दिनों तक जॉन्स्टन को अपहर्ताओं के क़ब्ज़े में नहीं देख सकता.
द आर्मी ऑफ़ इस्लाम ने जॉन्स्टन की रिहाई के बदले कई क़ैदियों की रिहाई की मांग की है. इनमें से एक ब्रिटेन में क़ैद किए गए अबू क़तादा हैं.