पश्चिमी तट के शहर रमल्ला में फ़तह गुट के बंदूकधारियों ने फ़लस्तीनी संसद पर धावा बोल दिया है. ये बंदूकधारी उपसभापति के कार्यलय घुस गए. रिपोर्टों के मुताबिक इन लोगों के वहाँ के अधिकारियों से झड़प हुई है.
फ़तह के समर्थकों ने रमल्ला में परेड की और हवा में गोली चलाई. ये लोग संसद के बाहर हमास बाहर जाओ का नारा लगा रहे थे और फिर छत पर चढ़कर फ़तह और फ़लस्तीनी झंडा लगा दिया.
संसद के उपसभापति ने बीबीसी को बताया कि जब उन्होंने फ़तह समर्थकों को रोकने की कोशिश की तो उन्हें पीटा गया.
फ़तह से जुड़े कुछ लोगों ने शिक्षा मंत्रालय में तोड़फोड़ भी की हालांकि इसमें कोई भा घायल नहीं हुआ.
रमल्ला में हमास के ज़्यादातर राजनेता और समर्थक या तो शहर से भाग गए हैं या फिर छिपे हुए हैं.
तनाव
इस बीच हमास ने कहा है कि उसके सात समर्थकों के शव ग़ज़ा के एक परिसर से मिले हैं. इस परिसर का इस्तेमाल फ़तह समर्थक सुरक्षाबल करते आए हैं.
हमास का कहना है कि उसके समर्थकों को मारे जाने से पहले अगवा किया गया था.
रविवार को फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास नए प्रधानमंत्री को शपथ दिलाएँगे. गुरुवार को अब्बास ने हमास के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय एकता की सरकार को भंग कर दिया था.
अब्बास ने सलाम फ़य्याद से आपातकालीन सरकार बनाने को कहा है. यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा ने महमूद अब्बास को नेता मानते हुए उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है.
हमास के प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया पहले ही आपातकाल की घोषणा और राष्ट्रीय एकता सरकार को भंग करने की महमूद अब्बास की घोषणा को ठुकरा चुके हैं. हमास का कहा है कि अंतरिम प्रशासन ग़ैर क़ानूनी है और उनका संगठन इस नियुक्ति को नहीं मानता.
अरब देश
उधर अरब देशों के विदेश मंत्रियों ने गज़ा में चल रही हिंसा को आपराधिक क़रार देते हुए फ़लस्तीनी गुटों हमास और फ़तह से आपस में सुलह करने की अपील की है.
काहिरा में एक बैठक के बाद जारी बयान में अरब विदेश मंत्रियों ने अपील की है कि वे फ़लस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के अधिकारों का सम्मान करें.
गज़ा पर हमास का नियंत्रण हो जाने के बाद फ़तह के नेता अब्बास पश्चिमी तट का नियंत्रण संभाल रहे हैं.
अरब मंत्रियों की बैठक में फ़ैसला किया गया है कि गज़ा में हिंसा के तथ्यों का पता लगाने के लिए एक जाँच दल का गठन किया जाए.
इस बीच हमास के नेता नेता ख़ालिद मशाल ने सुलह की पहल करते हुए प्रतिद्वंद्वी फ़तह गुट फ़तह के नेता और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ मिल कर काम करने की इच्छा जताई है.
मशाल का कहना है कि हमास गज़ा पर क़ब्ज़ा करना नहीं चाहता था लेकिन वहाँ असुरक्षा की स्थिति को देखते हुए कोई और विकल्प भी नहीं था.
उल्लेखनीय है कि पिछले एक हफ़्ते से दोनों गुटों के बीच हुए भीषण संघर्ष के बाद हमास ने गज़ा पर नियंत्रण का दावा किया है. इस हिंसा में 110 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.