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शुक्रवार, 15 जून, 2007 को 19:10 GMT तक के समाचार

अटलांटिस की ख़राबी दूर करने की कोशिश

अंतरराष्ट्रीय अतंरिक्ष केंद्र (आईएसएस) के कंप्यूटरों में आई ख़राबी के बीच अंतरिक्ष यान अटलांटिस के बाहरी सुरक्षा कवच की दरार को दुरुस्त करने की कोशिश हो रही है.

अटलांटिस आईएसएस पर पिछले कई महीनों से रह रहे अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के मिशन पर है.

इन यात्रियों में भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स भी शामिल हैं.

यह आईएसएस से जुड़ तो गया है लेकिन बाहरी सुरक्षा कवच में आई दरार के कारण इसकी वापसी में देरी हो रही है.

इस ख़राबी को दूर करने के लिए अटलांटिस से गए अमरीकी अंतरिक्ष विज्ञानी पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.

इस बीच आईएसएस की संचालन प्रणाली को दिशा निर्देशित करने वाली रुसी कंप्यूटर में आई गड़बड़ी भी दूर नहीं हो सकी है.

रूसी वैज्ञानिकों का कहना है कि वे शनिवार को एक बार फिर कंप्यूटर को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करेंगे.

वे आईएसएएस पर नए कल पुर्जे और उपकरण भेजने के बारे में भी सोच रहे हैं.

सुनीता की वापसी

अटलांटिस के उड़ान भरने के समय ही ईंधन टैंक से फोम के कुछ टुकड़े गिरे थे जिसके कारण उनकी वापसी को लेकर संशय उत्पन्न हो गया था.

सन् 2003 में अंतरिक्ष यान कोलंबिया पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें कल्पना चावला समेत सात अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई थी.

ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष 10 दिसंबर को अंतरिक्ष यान डिस्कवरी से सुनीता और छह अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी थी.

सुनीता की पैदाइश अमरीका के ओहायो में 1965 में हुई थी. उनके पिता 1958 में अहमदाबाद से अमरीका जाकर बस गए थे.

सुनीता के पिता दीपक पांड्या और माँ बोनी पांड्या मैसाचुसेट्स राज्य के फ़ाल्मथ शहर में रहते हैं.

सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष विज्ञान का ख़ासा ज्ञान रखती हैं और रूस में उन्होंने लंबे समय तक काम किया है.