बुधवार, 13 जून, 2007 को 03:25 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी गुट फ़तह ने धमकी दी है कि यदि गज़ा में संघर्षविराम लागू नहीं होता है तो वह फ़लस्तीनी साझा सरकार से हट जाएगा.
पिछले 48 घंटों में फ़लस्तीनी गुटों हमास और फ़तह के बीच संघर्ष तेज़ हुआ है और तनाव पश्चिमी तट तक फैल गया है.
इस हिंसा में कम से कम 34 लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.
उल्लेखनीय है कि बहुत कोशिशों के बाद हमास और फ़तह गुटों के बीच साझा सरकार बनाने की सहमति बनी थी. लेकिन इसके बाद भी दोनों गुटों के बीच संघर्ष लगातार जारी है.
दोनों ही कई बार संघर्षविराम पर समहत हो चुके हैं लेकिन हर बार यह समझौता टूट जाता है.
धमकी
रामल्ला में फ़तह की केंद्रीय समिति की एक बैठक हुई जिसमें फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास उपस्थित थे.
इस बैठक के बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने बीबीसी को बताया कि फ़तह ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्षविराम को लागू नहीं किया गया तो हमास के साथ बने साझा सरकार से फ़तह हट जाएगा.
फ़तह की ओर से कहा गया है कि संघर्ष रुकने तक फ़तह ने मंत्रिमंडल की बैठकों में हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला किया है.
हालांकि फ़तह की इस धमकी या चेतावनी पर आम फ़लस्तीनी नागरिक लापरवाही से कंघे उचकाकर प्रतिक्रिया देता है.
आम फ़लस्तीनी लोगों का कहना है कि फ़तह-हमास की ये तीन महीने पुरानी साझा सरकार कभी प्रभावी रही ही नहीं.
हिंसा
दोनों गुटों ने संघर्षविराम कर शांति स्थापित करने की अपीलों को अनदेखा किया और अब हिंसक घटनाएँ इतनी हो रही हैं जितनी पहले कभी नहीं हुई थीं.
बीबीसी संवाददाता कात्या एडलर का कहना है कि अब तो दोनों गुटों के बीच संघर्ष का आलम यह है कि चौराहे, घरों की छतें और यहाँ तक कि अस्पताल भी युद्ध का मैदान बने हुए हैं.
ज़्यादातर गज़ा निवासी अब अपने घर से बाहर निकलते हुए डरते हैं.
उधर पश्चिमी तट में इस बात का तनाव है कि कहीं हिंसा वहाँ भी न फैल जाए.
पिछले दो दिनों में दोनों गुटों के बीच हुए संघर्ष में 34 लोगों की मौत हुई है.
इस बीच फ़तह गुट ने रामल्ला में हमास के एक उपमंत्री का अपहरण कर लिया है.
उन्होंने हमास से जुड़े एक टेलीविज़न स्टेशन को भी उड़ा दिया.