सोमवार, 11 जून, 2007 को 10:52 GMT तक के समाचार
अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पावेल ने कहा है कि वे क्यूबा स्थित विवादास्पद अमरीकी बंदी शिविर गवांतानामो बे को तत्काल बंद करने के हक़ में हैं.
अमरीकी टेलीविजन से बातचीत में उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो बे में रखे गए क़ैदियों को अमरीका स्थित जेलों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए.
पावेल ने कहा कि अमरीका को क्यूबा में जेल की ज़रूरत नहीं है और इससे लाभ होने के बजाय नुक़सान ज़्यादा हो रहा है.
ठेस
उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो जैसे हिरासत केंद्रों के बने रहने से अमरीकी न्यायिक व्यवस्था में यकीन रखने वाले दुनिया भर के लोगों को धक्का लगा है.
पावेल ने सैन्य न्यायाधिकरण व्यवस्था समाप्त करने की भी माँग की और कहा कि संदिग्ध चरमपंथियों के ख़िलाफ़ संघीय अमरीकी क़ानूनों के तहत ही मुक़दमा चलाया जाना चाहिए.
पावेल ने कहा, “अगर मेरा बस चले तो मैं ग्वांतानामो बे को कल नहीं बल्कि अभी बंद कर दूँ.”
अमरीका ने वर्ष 2002 में ग्वांतानामो हिरासत केंद्र खोला था.
इस केंद्र में अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान और अल क़ायदा के ख़िलाफ़ अभियानों के दौरान पकड़े गए संदिग्ध विदेशी चरमपंथियों को रखा गया है. ग्वांतानामो बे में फिलहाल लगभग 380 क़ैदी हैं.
यूरोपीय संघ समेत तमाम देशों ने ग्वांतानामो बे को बंद करने की माँग की है.
यहाँ तक कि ‘आतंकवाद’ के ख़िलाफ़ जंग में बुश के सहयोगी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी ग्वांतानामो बे को नियम विरुद्ध करार दिया है.