शनिवार, 09 जून, 2007 को 11:42 GMT तक के समाचार
मलेशिया की एक अदालत ने शाकाहारी आदमी को मांसाहार परोसे जाने पर देश की राष्ट्रीय एयरलाइन को क़रीब दो लाख रुपए का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है.
मलेशिया एयरलाइन के विमान में बैठे एक यात्री अरविंद शर्मा ने उड़ान के दौरान शाकाहारी खाना मांगा लेकिन ग़लती से उन्हें मांसाहारी खाना परोस दिया गया.
अरविंद ने कभी भी नॉनवेज भोजन नहीं खाया था. इसलिए जैसे ही अरविंद ने खाना मुँह में डाला उन्हें पता लगा कि ये शाकाहारी भोजन नहीं है और उन्होंने खाना मुँह से बाहर फेंक दिया.
44 वर्षीय अरविंद शर्मा ब्राह्मण हैं और वे बैंगलोर से क्वालालंपुर जा रहे थे.
अरविंद शर्मा ने 'न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स' अख़बार को बताया कि उन्हें खाने में चिकन परोसा गया, जिससे उन्हें उल्टियाँ होने लगीं.
अख़बार के अनुसार मलेशिया के उत्तरी राज्य पेनंग में न्यायाधीश एम राजलिंगम ने कहा कि अरविंद ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उन्होंने कभी भी नॉनवेज़ नहीं खाया है.
न्यायधीश को उद्धृत करते हुए अख़बार ने लिखा है कि एयरलाइन की लापरवाही से अरविंद शर्मा के धार्मिक नियमों की उपेक्षा हुई है.
अदालत ने अरविंद के पक्ष में फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण में उन्हें जो मानसिक परेशानी हुई है उसके एवज में मलेशिया एयरलाइन 20 हज़ार रिंगित यानी क़रीब दो लाख रुपए का मुआवज़ा दे.