मंगलवार, 05 जून, 2007 को 18:31 GMT तक के समाचार
अमरीका की एक अदालत ने उपराष्ट्रपति डिक चेनी के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ रहे लुइस लिब्बी को ढाई साल जेल की सज़ा सुनाई है.
लिब्बी को पिछले मार्च में न्याय में बाधा पहुँचाने और झूठी गवाही देने के लिए दोषी पाया गया था.
एक समय राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस में गहरी पैठ रखने वाले लिब्बी पर अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की एजेंट वैलरी पाम की पहचान सार्वजनिक करने के मामले की जाँच के दौरान एफ़बीआई और जूरी के समक्ष झूठ बोलने के लिए मुक़दमा चलाया गया.
अमरीका के ज़िला न्यायाधीश रेगी बी वॉन्टन ने कहा है कि सबूतों से साबित होता है कि लिब्बी दोषी हैं.
उन्होंने फ़ैसला सुनाते हुए कहा, "जो लोग इस तरह के पद पर होते हैं, उन पर देश की भलाई और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी होती है और उन पर ये विशेष ज़िम्मेदारी होती है कि वे कोई समस्या खड़ी न करें."
लिब्बी अमरीका में 'स्कूटर' के नाम से जानी जाते हैं.
न्यायाधीश ने उन पर ढाई लाख डॉलर का ज़ुर्माना भी किया है और कहा है कि अपनी रिहाई के बाद दो साल तक उन पर निगरानी रखी जाएगी.
'सच महत्वपूर्ण होता है'
लिब्बी को अपील के लिए अगले हफ़्ते तक का समय दिया गया है और तब तक वे गिरफ़्तार नहीं किए जाएँगे.
माना जा रहा था कि राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश लिब्बी को क्षमा कर देंगे लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार राष्ट्रपति कार्यालय व्हाईट हाउस ने कहा है कि वे इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे क्योंकि मामला अभी भी न्यायालय में है.
अस्सी के दशक के मध्य में जब रोनॉल्ड रीगन राष्ट्रुपति थे तब ईरान-कॉन्ट्रा मामला उठा था, इसके बाद से यह पहला मामला है जब राष्ट्रपति कार्यालय के किसी बड़े अधिकारी को किसी मामले में दोषी पाया गया है.
हालांकि लिब्बी हमेशा कहते रहे हैं कि वे निर्दोष हैं.
हालांकि इस मामले में लिब्बी को अधिकतम 25 साल की सज़ा हो सकती थी लेकिन विशेष अभियोजन वकील पैट्रिक फ़िट्ज़गेरॉल्ड ने उनके लिए तीन साल की सज़ा की अपील की थी.
उनका कहना था, "यह बताना ज़रुरी था कि सच हमेशा महत्वपूर्ण होता है."
सीआईए एजेंट वलेरी पाम की पहचान वर्ष 2003 में एक अमरीकी रिपोर्टर को लीक की गई थी.
किसी भी ख़ुफ़िया एजेंट की पहचान लीक करना अमरीका में ज़ुर्म है.
वैलेरी पाम की पहचान उस समय सार्वजनिक हुई थी जब उनके पति और पूर्व राजनयिक जोसेफ़ विल्सन ने इराक़ में सैनिक कार्रवाई के लिए बुश प्रशासन की आलोचना की थी.