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सोमवार, 04 जून, 2007 को 10:37 GMT तक के समाचार

'बढ़ रहा है नक़ली दवाओं का कारोबार'

अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में नक़ली मलेरिया निरोधक दवाओं के बढ़ते कारोबार के पीछे जनजातीय चीनी गैंग ज़िम्मेदार हैं.

इंटरपोल के वरिष्ठ जाँच अधिकारी जॉन न्यूटन ने बताया है कि ये गैंग संगठित अपराधी हैं जो कई देशों में काम करते हैं और औद्योगिक स्तर पर मलेरिया के लिए नक़्ली दवा बेच रहे हैं.

अंततराष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नक़ली मलेरिया निरोधक दवाइयाँ तो सिर्फ़ एक पहलू है. एचाआईवी और एड्स के इलाज के लिए भी नक़ली दवाइयाँ बेचे जाने को लेकर चिंता जताई जा रही है.

इंटरपोल अधिकारी जॉन न्यूटन का कहना है कि मलेरिया के लिए नक़ली दवाइयाँ बेचने वाले लोग व्यापारी हैं जो अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करते हैं.

जॉन न्यूटन ने बताया, "कभी-कभी ये लोग नक़्ली दवाइयाँ के साथ-साथ नक़ली क्रेडिट कार्ड, हथियार और नशीले पदार्थ भी बेचते हैं. "

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इसमें काफ़ी फ़ायदा होता है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में नक़ली दवाइयों में हर साल 75 अरब डॉलर का कारोबार होगा.

मलेरिया की नक़ली दवाइयों की बिक्री में लगे लोगों के बारे में इंटपोल अधिकारी ने बताया, "इन लोगों में समान बात है कि ये जनजातीय चीनी हैं यानी ये मलेशिया,चीन, बर्मा किसी भी देश के हो सकते हैं. ये सब लोग एक दूसरे को जानते हैं,उन तक पहुँच बना पाना काफ़ी मुश्किल है. इन लोगों ने कई देशों में अपना जाल फैला रखा है. ये नक़ली दवाइयाँ आसानी से एक से दूसरे देश भेज सकते हैं जो हमारे लिए मुश्किल पैदा करता है."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जिस बड़े पैमाने पर ये दवाइयाँ बनाई जा रही हैं, उससे लगता है कि इसमें अपराधियों ने काफ़ी पैसा लगाया हुआ है.