सोमवार, 28 मई, 2007 को 12:38 GMT तक के समाचार
विश्व बैंक का अध्यक्ष पद छोड़ रहे पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ ने कहा है कि मीडिया और विश्व बैंक में पैदा हुए 'गर्म महौल' ने उन्हें इस्तीफ़ा देने को मजबूर किया.
अपनी गर्ल फ़्रेंड के लिए ज़्यादा वेतन और प्रोमोशन को लेकर वुल्फ़ोवित्ज़ की भूमिका पर सवाल उठे थे, जिसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था.
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के साथ विशेष इंटरव्यू में वुल्फ़ोवित्ज़ ने कहा कि उन्होंने जो भी किया था उसे बैंक के बोर्ड ने स्वीकार किया था और उन्होंने नैतिकता के तहत ही काम किया था.
वुल्फ़ोवित्ज़ 30 जून को अध्यक्ष पद छोड़ रहे हैं. अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल शुरू और आख़िर में कुछ ज़्यादा ही विवादित रहा.
कई यूरोपीय देशों ने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था. क्योंकि इसके पहले पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका पर सवाल उठे थे. उन्हें इराक़ युद्ध का भी कर्ता-धर्ता माना जाता था.
भूमिका
इंटरव्यू में पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ ने कहा कि वे नहीं मानते कि उनके पद छोड़ने की मुख्य वजह उनकी कार्रवाई है.
उन्होंने इससे भी इनकार किया कि उनके ख़िलाफ़ बढ़ते व्यक्तिगत विरोध ने भी इस फ़ैसले में भूमिका निभाई.
वुल्फ़ोवित्ज़ ने मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोग हर तरह के अनुचित बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे. इंटरव्यू में वुल्फ़ोवित्ज़ ने विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में अपने दो साल के कार्यकाल का बचाव भी किया.
लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विश्व बैंक में कुछ प्रशासनिक मुद्दे हैं जिन पर विचार किए जाने की आवश्यकता है.
वुल्फ़ोवित्ज़ ने कहा कि उनके कार्यकाल में अफ़्रीकी देशों में ग़रीबी कम करना सबसे बड़ी चुनौती थी.
उन्होंने कहा कि अफ़्रीका में पूर्वी एशिया और भारत जैसी सफलता नहीं मिल पाई है.
उन्होंने कहा कि अगर अगले पाँच साल में विश्व बैंक अफ़्रीका के लिए कुछ नहीं कर पाया तो उसका और कोई काम मायने नहीं रखेगा.