शुक्रवार, 25 मई, 2007 को 15:41 GMT तक के समाचार
इराक़ के शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने सुन्नी गुटों के साथ शांति योजना का समर्थन किया है. लंबे समय बाद मुक़्तदा अल सद्र शुक्रवार की नमाज़ के दौरान कूफ़ा में सार्वजनिक रूप से सामने आए.
अपनी सुरक्षा पर ख़तरे को देखते हुए मुक़्तदा अल सद्र ने इराक़ छोड़ दिया था और पिछले कुछ दिनों पहले ही वे इराक़ लौटे हैं. इस दौरान उन्होंने ईरान का भी दौरा किया.
इस बीच इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में इराक़ी स्पेशल फ़ोर्स के साथ झड़प में मेहदी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर अबू क़ादिर मारे गए हैं.
ब्रितानी सेना के एक प्रवक्ता मेजर डेविड गेल ने स्थानीय मीडिया की उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा है कि ब्रितानी सैनिकों ने अबू क़ादिर को मारा है.
बातचीत
दूसरी ओर मुक़्तदा अल सद्र के वरिष्ठ सहयोगी अब्द अल महदी अल मुतैरी ने बीबीसी को बताया कि उनके संगठन ने कुछ उदारवादी सुन्नी नेताओं से बात की है जो अल क़ायदा के ख़िलाफ़ हैं और इराक़ के भविष्य को लेकर जिनके विचार उनसे मिलते हैं.
उन्होंने बताया कि स्वतंत्र एकीकृत इराक़ की प्रतिबद्धता को लेकर एक चार्टर पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं. इस चार्टर में कहा गया है कि स्वतंत्र और एकीकृत इराक़ किसी विदेशी एजेंडे के तहत नहीं होगा और इसी चार्टर के आधार पर अन्य इराक़ी गुटों से समझौता होगा.
मुक़्तदा अल सद्र मेहदी सेना के प्रमुख हैं. इस गुट को इराक़ में जातीय हिंसा के लिए भी ज़िम्मेदार कहा जाता है. हाल के महीनों में मुक़्तदा अल सद्र के संगठन को इराक़ी सेना ने अपना निशाना बनाया है.
कूफ़ा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान मुक़्तदा अल सद्र ने अमरीका और क़ब्ज़े वाली सेना की कड़ी आलोचना भी की. उन्होंने मांग की कि अमरीकी सैनिक इराक़ छोड़ दें.
छह हज़ार समर्थकों के बीच मुक़्तदा अल सद्र ने अपील की कि वे विरोध के लिए शांतिपूर्ण तरीक़ा अपनाएँ. पिछले दिनों मुक़्तदा अल सद्र ने उन छह मंत्रियों को इराक़ी कैबिनेट से हटा लिया था, जो उनके समर्थक हैं.
उन्होंने ये फ़ैसला इसलिए किया था ताकि अमरीकी सैनिकों की वापसी के लिए प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी पर दबाव बनाया जा सके.
बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता रॉब वॉटसन का कहना है कि मुक़्तदा अल सद्र इराक़ की जटिल जातीय और राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण शख़्स हैं.