रविवार, 13 मई, 2007 को 22:25 GMT तक के समाचार
मिस्र के मध्यस्थों का कहना है कि गज़ा में फ़लस्तीनी गुटों हमास और फ़तह के बीच हुई झड़पों के बाद एक बार फिर समझौते में कामयाबी मिली है.
इससे पहले हुई झड़पों में कम से कम पाँच लोग मारे गए और 18 घायल हो गए.
फ़रवरी में हमास और फ़तह के बीच साझा सरकार बनाने के लिए हुए समझौते के बाद पहली बार भड़की इस हिंसा के दौरान कई लोगों का अपहरण कर लिया गया.
रविवार की हिंसा तब भड़की जब, फ़तह गुट से संबंधित अल आक़्सा ब्रिगेड के एक नेता पर घात लगाकर हमला किया गया और मार डाला गया.
इसके बाद हिंसा और झड़पें शुरु हो गईं.
हालांकि हमास गुट ने हमले के पीछे हाथ होने से इनकार किया लेकिन फिर हमास के कई सदस्यों पर हमला हुआ.
हमास का कहना है कि हिंसा के दौरान उसके कम से कम 70 सदस्यों का अपहरण कर लिया गया.
जनता को ख़तरा
बाद में फ़लस्तीनी सूचना मंत्री मुस्तफ़ा बरग़ौती ने प्रतिद्वंद्वी गुटों को हिंसा पर काबू पाने की हिदायत दी.
उन्होंने कहा, "यदि यह हिंसा जारी रहती है तो इससे न केवल सरकार का भविष्य ख़तरे में पड़ेगा बल्कि फ़लस्तीनियों जनता का भविष्य भी ख़तरे में पड़ेगा."
अभी पिछले ही हफ़्ते हमास और फ़तह गुटों ने मिलकर गज़ा में हिंसा और क़ानूनव्यवस्था पर काबू पाने के लिए मिलकर एक अभियान चलाया था.
इस अभियान में कोई 3000 पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया था.
अधिकारियों का कहना है कि अब हमास और फ़तह गुटों के पुलिसकर्मी एक ही तरह की वर्दी पहनेंगे और गृहमंत्रालय के प्रति जवाबदेह होंगे.
इस मंत्रालय का जिम्मा हानी क़ावास्मी के पास है जो कि एक निर्दलीय नेता हैं.
वर्ष 2005 में इसराइल के गज़ा छोड़ देने के बाद से फ़लस्तीनी प्रतिद्वंद्नी गुटों के बीच हिंसा का दौर शुर हो गया और पिछले साल संसदीय चुनाव के बाद से हिंसा में कम से कम चार सौ लोगों की जानें गई हैं.