बुधवार, 09 मई, 2007 को 22:26 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर गुरुवार को अपने चुनाव क्षेत्र में प्रधानमंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं.
टोनी ब्लेयर ने कुछ दिनों पहले कहा था कि वो इस साल प्रधानमंत्री पद छोड़ देंगे.
उनके पद छोड़ने की घोषणा के बाद लेबर पार्टी उनका उत्तराधिकारी चुनेगी.
बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता का कहना है कि उत्तराधिकारी में केवल वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन ही गंभीर उम्मीदवार नज़र आते हैं.
संवाददाता का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो महीने का समय लग सकता है तब तक टोनी ब्लेयर प्रधानमंत्री पद संभाले रहेंगे.
ब्लेयर के रिकॉर्ड
टोनी ब्लेयर के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं.
वो लेबर पार्टी के सबसे लंबी अवधि तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता हैं. तीन बार पार्टी को ज़बर्दस्त जीत दिलाने में उनकी भूमिका रही है.
मारग्रेट थैचर के बाद देश की कमान संभालने वाले टोनी ब्लेयर ने ब्रिटेन को आधुनिकतम बनाने का संकल्प किया था.
इसके अलावा वो जनसुविधाओं में आमूलचूल बदलाव लाना चाहते थे और ब्रिटेन को यूरोप का दिल बनाने की उनकी ख्वाहिश थी.
ब्लेयर ब्रिटेन की पार्टी राजनीति का भी स्वरुप बदलने की कोशिश में थे.
हालांकि ऐसा माने जाने लगा है कि उनके प्रधानमंत्रित्व काल को सिर्फ़ इराक़ के ख़िलाफ़ युद्ध के फ़ैसले के लिए याद रखा जाएगा.
राजनीतिक जीवन
ब्लेयर ने 1982 में अपना राजनीतिक जीवन शुरु किया. उन्होंने लेबर पार्टी के टिकट पर बीकन्सफ़ील्ड से उपचुनाव लड़ा और हार गए.
टोनी ब्लेयर की पढ़ाई प्रसिद्ध फेट्स पब्लिक स्कूल में हुई जिसके बाद वो ऑक्सफोर्ड में पढ़े.
बाद में राजनीति में उनकी रुचि हुई. बीकन्सफील्ड से चुनाव हारने के बाद अगले साल उन्हें सेज़फ़ील्ड से टिकट दिया गया और वो चुनाव जीत गए.
उनकी पत्नी शेरी ब्लेयर भी राजनीति में रुचि रखती हैं और एक समय वो भी सांसद बनने की इच्छुक थीं लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
पार्टी में टोनी को आगे बढ़ने में कोई ख़ास दिक्कत नहीं हुई.नौकरी संबंधी मामलों के प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने मारग्रेट थैचर द्वारा बनाए गए ट्रेड यूनियन क़ानूनों को वापस लेने से इनकार कर दिया.
हालांकि इसके बाद ही उन्होंने गोर्डन ब्राउन और पीटर मंडेलसन के साथ मिलकर नई लेबर पार्टी के लिए नई योजनाएं बनानी शुरु कर दी थीं.
जब पार्टी नेता जॉन स्मिथ का 1994 में आकस्मिक निधन हुआ तो ब्लेयर पार्टी नेता बने और ब्राउन उनके ख़ास सिपहसालार.
कार्यकाल
लेबर पार्टी को चुनावों में ज़बर्दस्त जीत मिली और टोनी ब्लेयर ने प्रधानमंत्री बनने के बाद कुछ साहसिक क़दम उठाए.
ब्रिटेन के 200 वर्षों के इतिहास में सबसे कम उम्र यानी 44 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले टोनी ब्लेयर ने बैंक ऑफ इंग्लैड में सुधार किए और प्रधानमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रबंधन की शुरुआत की.
ये मीडिया प्रबंधन वास्तव में 'स्पिन मशीन' भी कहे जाते हैं.
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ब्लेयर के सुधार थोड़े धीमे रहे लेकिन चलते ज़रुर रहे.
2001 में उन्हें फिर जीत मिली और उसके बाद उन्होंने अस्पताल, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में कई विवादास्पद फ़ैसले किए.
घरेलू मुद्दों को छोड़ दें तो ब्लेयर के प्रधानमंत्री काल में ऐसी कोई ख़ास बात नहीं हुई थी जिसे याद रखा जा सके.
लेकिन तभी 11 सितंबर की घटना घटी और उसके बाद जो हुआ, वो ब्लेयर युग की सबसे महत्वपूर्ण घटना बन गई.
टोनी ब्लेयर पर इराक़ के ख़िलाफ़ बिना पुख्ता सबूतों के युद्ध छेड़ने और अमरीका का पिछलग्गू बनने के आरोप लगते रहे हैं.
पार्टी को रिकॉर्ड तोड़ चुनाव जितवाने वाले इस नेता के बारे में कहा जाता है कि उनका भविष्य वास्तव में ख़ुद उनके हाथ में है.