http://www.bbcchindi.com

रविवार, 06 मई, 2007 को 04:16 GMT तक के समाचार

राष्ट्रपति पद के लिए निर्णायक मुक़ाबला

फ़्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे और निर्णायक चरण का मतदान शुरू हो गया है. मुक़ाबला समाजवादी सीगोलें रोयाल और मध्य-दक्षिणमार्गी निकोलस सार्कोज़ी के बीच है.

दोनों उम्मीदवार 12 साल से राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ज़्याक शिराक के उत्तराधिकारी बनने की होड़ में एड़ी चोट का जोड़ लगाए हुए हैं.

शुक्रवार को सीगोलें रोयाल ने कहा कि अगर उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार की जीत होती है तो दंगे भड़क सकते हैं. दूसरी ओर सार्कोज़ी ने रोयाल पर वाक् युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया.

निर्णायक चरण के लिए अन्य देशों में रह रहे फ़्रांसीसी नागरिकों ने मतदान करना शुरू कर दिया है.

इस कड़ी में सबसे पहले कनाडा के समुद्री तट से 25 किलोमीटर दूर स्थित सें पीयरे और मिक़ेलन द्वीपसमूह पर वोट डाले गए.

कड़ा मुक़ाबला

पहले चरण में दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर हुई और नतीजों के अनुसार गृहमंत्री रह चुके सार्कोज़ी 30 प्रतिशत मतों के साथ पहले स्थान पर हैं.

फ़्रांस की पहली महिला राष्ट्रपति बनने की कोशिश कर रहीं सीगोलें रोयाल 25 प्रतिशत मतों के साथ दूसरे स्थान पर हैं.

मध्यमार्गी माने जाने वाले फ्रांसुवा बेरू को 18 प्रतिशत मत मिले तो दक्षिणपंथी जाँ मारी ले-पेन को सिर्फ़ 11 प्रतिशत मत मिले.

फ़्रांस के पिछले 50 साल के इतिहास में पहली बार पहले चरण में रिकॉर्ड 85 प्रतिशत लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया.

अलग विचारधारा

राष्ट्रपति पद की होड़ में जो दो उम्मीदवार आमने-सामने हैं वे फ़्रांसिसी समाज के सबसे विवादित शख़्सियतों में से रहे हैं.

निकोलस सार्कोज़ी का वामपंथी इसलिए विरोध करते रहे हैं क्योंकि वे मानते हैं कि सार्कोज़ी सुधारवादी हैं और वे अपनी नीतियों से फ़्रांस की जीवनशैली को बदल देंगे और उदारवादी राज्यसत्ता में कटौतियाँ करेंगे.

इसी तरह से सीगोलें रोयाल के बारे में कुछ समाजवादियों का मत है कि वे बहुत अधिकारवादी और रूढ़िवादी हैं.