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शनिवार, 05 मई, 2007 को 11:45 GMT तक के समाचार

'मृत' मसरी का कथित टेप जारी

पिछले दिनों इराक़ की सरकार ने दावा किया था कि आपसी संघर्ष के दौरान इराक़ में अल क़ायदा के नेता अबू अयूब अल मसरी मारे गए हैं.

लेकिन रविवार को एक वेबसाइट पर एक ऑडियो टेप जारी किया गया है. वेबसाइट का दावा है कि ऑडियो टेप अल मसरी का है.

टेप में कहा गया है कि सरकार का ये दावा कि चरमपंथी संगठन में अंदरुनी लड़ाई चल रही है, झूठ और काल्पनिक है.

हालाँकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि टेप में आवाज़ अल मसरी की है हा नहीं. इराक़ के आंतरिक मंत्रालय ने दावा किया था कि उसके पास इसकी प्राथमिक सूचना है कि मसरी आपसी संघर्ष में मारे गए हैं.

लेकिन अमरीका ने इस ख़बर की पुष्टि नहीं की थी. वेबसाइट पर जारी टेप के बारे में यह भी जानकारी नहीं मिली है कि इसे कब तैयार किया गया है.

झूठ

टेप में कहा गया है- "आपने जो टीवी चैनलों में सुना है कि हमारे और जिहादी गुटों में लड़ाई चल रही है, वो झूठ है और गढ़ी गई है. यह जिहादी गुटों को विभाजित करने की कोशिश है."

मंगलवार को इराक़ी सरकार के दावे के बाद सुन्नी चरमपंथी गुटों के संगठन इस्लामिक स्टेट इन इराक़ ने इसका खंडन किया था. वेबसाइट पर जारी टेप में राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सुन्नी पार्टियों की भी आलोचना की गई है.

टेप में सुन्नी नेता और उप राष्ट्रपति तारिक़ अल हाशमी को अपराधी कहा गया है, जिन्होंने हाल ही में अमरीका से अपील की थी कि वह इराक़ में बने रहे.

अल मसरी को अबू हम्ज़ा अल मुहाजिर के नाम से भी जाना जाता है. माना जाता है कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में प्रशिक्षण लिया है और उन्होंने ही बग़दाद में अल क़ायदा का पहला ग्रुप बनाया था.

अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के मारे जाने के बाद से ही अल मसरी इराक़ में अल क़ायदा का नेतृत्व कर रहे हैं. अमरीका ने अल मसरी के सिर पर 50 लाख डॉलर का ईनाम रखा है.