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बुधवार, 02 मई, 2007 को 11:37 GMT तक के समाचार

ओल्मर्ट के इस्तीफ़े की मांग तेज़

पिछले वर्ष हुए लेबनान युद्ध के मुद्दे पर आई ताज़ा रिपोर्ट के बाद इसराइल की विदेश ज़िपी लिवनी ने प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के इस्तीफ़े की माँग की है.

हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने लेबनान युद्ध की स्थिति को कारगर तरीके से नहीं संभाला और उन्होंने कई ग़लत फ़ैसले लिए.

विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने कहा कि वे एहुद ओल्मर्ट को सत्ता से निकालने की कोशिश नहीं करेंगी लेकिन उनकी जगह नए प्रधानमंत्री बनाए जाने की सूरत में वे उम्मीदवार होंगी.

उन्होंने कहा कि कदिमा पार्टी को सरकार में बने रहना चाहिए और इसराइल में मध्यावधि चुनाव नहीं होना चाहिए.

ये बात उन्होंने एहुद ओल्मर्ट से मुलाकात के बाद कही. ज़िपी लिवनी इसराइल की उप प्रधानमंत्री भी हैं.

लेबनान युद्ध पर एहूद ओलमर्ट की आलोचना

रिपोर्ट

लेबनान युद्ध के बारे में आई रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद से एक मंत्री पहले ही इस्तीफ़ा दे चुके हैं.

ये मंत्री लेबर पार्टी के थे जो ओल्मर्ट की गठबंधन सरकार में एक घटक दल है. मंत्री का कहना था कि वह ओल्मर्ट के साथ काम नहीं कर सकते.

ओलमर्ट की कदीमा पार्टी के संसदीय दल के मुखिया ऐविगडोर यित्ज़ाकी भी प्रधानमंत्री ओलमर्ट के इस्तीफ़े की माँग कर चुके हैं.

एविगडोर यित्ज़ाकी कदीमा पार्टी के चेयरमैन हैं और वह इसके संस्थापकों में से एक रहे हैं.

एविगडोर यित्ज़ाकी ने कहा कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ताकि कदीमा प्राटी अपना काम जारी रख सके.

इसराइली अख़बार हारेट्ज़ ने ख़बर छापी है कि एविगडोर यित्ज़ाकी ने यह भी कहा है कि अगर प्रधानमंत्री ओल्मर्ट इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो वह ख़ुद ही इस्तीफ़ा दे देंगे.

बुधवार को कई अख़बारों में जनमत सर्वेक्षणों के नतीजे छपे हैं जिनमें इसराइलियों की भारी संख्या चाहती है कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट पद से हट जाएँ.

बड़े पैमाने पर पढ़े जाने वाले अख़बार येडियट अहारोनोट के सर्वे के अनुसार क़रीब 65 प्रतिशत लोगों का कहना था कि ओल्मर्ट को प्रधानमंत्री पद छोड़ देना चाहिए जबकि सिर्फ़ दस प्रतिशत का ख़याल था कि उन्हें प्रधानमंत्री बने रहना चाहिए.