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मंगलवार, 01 मई, 2007 को 18:22 GMT तक के समाचार

तुर्की में फिर से होंगे राष्ट्रपति चुनाव

तुर्की के प्रधानमंत्री एर्दोग़ान ने कहा है कि वो संसद से राष्ट्रपति चुनाव दोबारा करने को कहेंगे. कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण को ख़ारिज कर दिया था.

संवैधानिक कोर्ट ने नया राष्ट्रपति चुनने के लिए शुक्रवार को हुए संसदीय मतदान को ख़ारिज कर दिया था.

इस चुनाव में सिर्फ़ एक उम्मीदवार तुर्की के विदेश मंत्री अब्दुल्ला गुल थे लेकिन धर्मनिरपेक्ष विपक्षी पार्टियों ने मतदान का बहिष्कार किया था जिसके बाद वो ज़रूरी बहुमत हासिल नहीं कर सके.

इन पार्टियों ने अदालत में दलील थी कि चुनाव के दौरान संसद सदस्यों की संख्या ज़रूरी कोरम से कम थी.

धर्मनिरपेक्ष दल अब्दुल्ला गुल पर कट्टरपंथी इस्लामी एजेंडो को आगे बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं.

कोर्ट के फ़ैसले के बावजूद सरकारी प्रवक्ता सेमिल सिसेक ने कहा है सत्तारूढ़ एके पार्टी जल्दी ही अपने उम्मीदवार की दावेदारी फिर से पेश करेगी.

सेना मे बेचैनी

तुर्की में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जारी विवाद में सेना भी कूद गई है. सेना ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि वह देश में धर्मनिरपेक्ष शासन प्रणाली की रक्षक है और जरूरत पर अपनी स्थिति दर्शाने में हिचकिचाएगी नही.

ग़ौरतलब है कि तुर्की की संसद में राष्ट्रपति पद के लिए पहले दौर का मतदान काफ़ी विवादित रहा है.

दरअसल आधुनिक तुर्की की स्थापना धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर की गई थी और पारंपरिक रूप से अब तक तुर्की के सभी राष्ट्रपति धर्मनिरपेक्षता के ज़बर्दस्त समर्थक रहे हैं.

अगर अब्दुल्ला गुल चुन लिए जाते हैं तो वे पहले राष्ट्रपति होंगे जो इस्लाम के प्रति आस्था रखते हैं और जिनकी पत्नी बुर्क़ा पहनती हैं.

सेना ने कहा है कि वह पूरी चुनाव प्रक्रिया पर नज़र रखी हुई है. सेना के बयान में कहा गया है,''यह नहीं भूलना चाहिए कि इस बहस में सेना एक पक्ष है और धर्मनिरपेक्षता का मजबूत रक्षक भी.''