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मंगलवार, 01 मई, 2007 को 22:18 GMT तक के समाचार

बुश ने सैन्य वापसी विधेयक वीटो किया

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कॉंग्रेस से पारित उस विधेयक को वीटो कर दिया है जिसमें इराक़ युद्ध के लिए धन की मंज़ूरी को सैन्य वापसी से जोड़ा गया है.

बुश ने टेलीविज़न पर जारी संक्षिप्त बयान में ख़ुद इसकी जानकारी दी और इराक़ नीति का बचाव किया.

बुश ने कहा कि राष्ट्रपति होने के नाते वो सशस्त्र सेनाओं के कमांडर है और उन्हें सेना के बारे में फ़ैसला करने का पूरा अधिकार है.

उन्होंने आगाह किया कि अमरीका अलक़ायदा जैसे चरमपंथी संगठनों का निशाना बना हुआ है और इन मंसूबो को नाकाम करना होगा.

बुश ने कहा, "अलक़ायदा इराक़ को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाना चाहता है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम वहाँ तैनात अपनी सेना को सभी ज़रूरी उपकरण और मशीनरी देंगे."

बुश का कहना था कि इस तरह के विधेयक से सैनिक अभियान के लिए ज़रूरी धन इकठ्ठा करने में दिक्कतें आती हैं और ये पैसा किसी दूसरे मद से लेना पड़ता है.

उन्होंने कहा," इससे हमारे सैनिकों के परिवारवालों के मन में अनिश्चितता का माहौल बनता है. इसका हमें ध्यान रखना होगा."

विधेयक

अमरीकी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि इराक़ को लेकर ख़ुद अमरीका में विचार बँटे हुए हैं लेकिन वे दोनों दलों के साथ बातचीत कर इसे दूर करने की कोशिश करेंगे.

अमरीकी संसद यानी कॉंग्रेस ने इस विधेयक को पारित कर दिया है. डेमोक्रैटिक पार्टी की नेता और निचले सदन या हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने इस पर दस्तख़त कर दिया जिसके बाद इसे बुश के पास भेजा गया था.

इस विधेयक में इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में जारी सैनिक अभियानों के लिए 124 अरब डॉलर अतिरिक्त राशि को मंज़ूरी दी गई है बशर्ते इराक़ से इस साल अक्तूबर से अमरीकी सैनिकों की वापसी शुरू हो जाए.

दूसरी ओर बुश का कहना है कि सैनिकों की वापसी की समयसीमा तय करना दुश्मनों के सामने हथियार डालने के समान है.