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रविवार, 29 अप्रैल, 2007 को 06:23 GMT तक के समाचार

माग्लेव ट्रेन की रफ़्तार होगी 500 किलोमीटर

जापान का कहना है कि वह वर्ष 2025 तक चुंबकीय प्रभाव से चलने वाली पहली 'माग्लेव' ट्रेन शुरु कर देगा. यह ट्रेन 500 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ेगी.

यह ट्रेन राजधानी टोक्यो और नागोया शहर के बीच दौड़ेगी.

माग्लेव ट्रेन विद्युत चुंबकीय सिद्धांत पर चलती हैं. चुंबकीय प्रभाव के चलते ये पटरी से थोड़ा ऊपर होती हैं और इसी कारण इनकी रफ़्तार परंपरागत ट्रेनों से अधिक होती है.

ब्रिटेन ने सबसे पहले माग्लेव ट्रेन विकसित की थी. फिलहाल दुनिया में सिर्फ़ चीनी शहर शंघाई में ही यात्री माग्लेव ट्रेन के सफर का आनंद उठा सकते हैं.

हक़ीकत

जापान की पहली माग्लेव ट्रेन सेवा सेंट्रल जापान रेलवे संचालित करेगा.

इसके बाद इस ट्रेन को जापान के दूसरे सबसे बड़े शहर ओसाका तक बढ़ाने की योजना है.

फिलहाल वहाँ 'शिनकनसेन' यानी बुलेट ट्रेन चलती है, जिसकी अधिकतम रफ़्तार 300 किमी प्रति घंटा है.

सेंट्रल जापान रेलवे के अध्यक्ष मासायुकी मत्सुमोटो कहते हैं, "हम उस सपने को साकार करने जा रहे हैं जो 'शिनकनसेन' की जगह लेगा."

जापान और जर्मनी माग्लेव ट्रेन तकनीकी के विकास में सबसे आगे हैं और इन देशों में ज़ोरशोर से इसके लिए परीक्षण चल रहे हैं.

विश्वसनीयता

ब्रिटेन में ट्रेन संचालित करने वाले नेटवर्क रेल की फिलहाल वहाँ माग्लेव ट्रेन चलाने की योजना नहीं है.

ब्रिटेन में कभी दुनिया की पहली व्यवसायिक माग्लेव ट्रेन चलती थी.

वर्ष 1984 से 1995 के बीच यह ट्रेन यात्रियों को बर्मिंघम हवाई अड्डे से नजदीकी रेलवे स्टेशन तक ले जाती थी.

लेकिन 11 साल के सफर में कई बार इसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठे और आखिरकार इसे पारंपरिक व्यवस्था से बदल दिया गया.

नेटवर्क रेल ने माग्लेव ट्रेन शुरू करने और इसके संचालन पर आने वाले ख़र्च को लेकर भी इसे फिर शुरू करने से इनकार किया है.