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शुक्रवार, 27 अप्रैल, 2007 को 12:21 GMT तक के समाचार

सीनेट के फ़ैसले से नाराज़ इराक़ सरकार

इराक़ की सरकार ने अमरीकी सीनेट के उस फ़ैसले की कड़ी आलोचना की है जिसके तहत अमरीकी सैनिकों के इराक़ से हटने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी गई है.

सरकार के प्रवक्ता अली अल दबाग़ ने कहा कि यह फ़ैसला नकारात्मक है और इससे विद्रोहियों को ग़लत संकेत जाएगा.

पिछले दिनों अमरीकी सीनेट ने अमरीकी सैनिकों के इराक़ से हटने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी थी. इस विधेयक के पक्ष में 51 वोट पड़े थे और विरोध में 46.

इस विधेयक के मुताबिक़ अमरीकी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया इस साल एक अक्तूबर तक शुरू हो जानी चाहिए.

समयसीमा

सीनेट ने अगले साल मार्च तक ये प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा भी रखी है. सरकार ने तो इस फ़ैसले की निंदा की है लेकिन सरकार में ही शामिल कई गुटों की इस मामले में अलग राय है.

सरकार में शामिल शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों का कहना है सीनेट का फ़ैसला इसकी पुष्टि है कि अमरीका हार गया है और अब उसे इराक़ से हट जाना चाहिए.

बग़दाद से बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि आम तौर पर इराक़ी सरकार इस मामले पर कम ही बोलती है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.

सरकारी प्रवक्ता अली अल दबाग़ का कहना है, "इस फ़ैसले के कारण हम अपने चार साल के बलिदान को बर्बाद होते देख रहे हैं."

कुछ दिन पहले इराक़ के विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने अमरीकी प्रतिनिधि सभा में इस मामले पर हुए मतदान की आलोचना की थी. उन्होंने इसे राजनीति की संज्ञा दी थी. ज़ेबारी ने कहा था कि इस फ़ैसले से इराक़ और आसपास के इलाक़े की सुरक्षा पर असर पड़ेगा.

इराक़ में अमरीका के एक शीर्ष जनरल डेविड पेट्रियस ने भी कहा है कि इराक़ में सैनिकों की संख्या कम करने से हिंसा की घटनाएँ बढ़ेंगी.