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बुश की इराक़ नीति की आलोचना

अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से दावेदारी पेश कर रहे सभी आठ उम्मीदवारों ने बुश प्रशासन की इराक़ नीति की आलोचना की है.

वर्ष 2008 में होने वाले चुनाव के लिए पहली बार टेलीविज़न पर इन उम्मीदवारों ने अपने पक्ष में दलीलें दी लेकिन सबने एकमत से कहा कि इराक़ पर अमरीका की नीति ठीक नहीं है.

इराक़ पर वर्ष 2003 में हमले को मंज़ूरी देने के पक्ष में मतदान करने पर पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी और सीनेटर हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "मैं जो आज जानती हूँ, वो अगर उस समय पता होता मेरा फ़ैसला कुछ और होता."

हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत दावेदारों में शामिल हैं लेकिन उन्हें सीनेटर बराक ओबामा से उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है.

ओबामा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इराक़ से सेना वापस बुलाने के विधेयक को वीटो करने की धमकी दे रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस को कड़ा रुख़ अपनाना चाहिए.

विधेयक पारित

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के बीच चली बहस से कुछ देर पहले ही अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव) ने एक विधेयक पारित कर इराक़ युद्ध के लिए धन मुहैया कराने पर और शर्तें लगा दी हैं.

डेमोक्रेट सांसदों के समर्थन से पारित इस विधेयक के तहत कहा गया है कि इराक़ युद्ध के लिए और धन तभी दिया जाए जब सैनिकों को वापस बुलाने की समयसीमा तय हो.

इस विधेयक का पारित होना राष्ट्रपति बुश के लिए झटका माना जा रहा है.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ऐसे किसी विधेयक को वीटो करने की धमकी दी थी लेकिन इसके बावज़ूद दस वोट के बहुमत से यह विधेयक पारित हो गया.

इसके साथ ही अब कांग्रेस और राष्ट्रपति बुश टकराव की राह पर एक एक क़दम और आगे बढ़ा चुके हैं.