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मंगलवार, 24 अप्रैल, 2007 को 15:38 GMT तक के समाचार

मध्य पूर्व में 'संघर्ष विराम समाप्त'

हमास के हथियारबंद दस्ते ने कहा है कि इसराइल के साथ पाँच महीने से जारी संघर्षविराम समाप्त हो गया है.

हमास के इस दस्ते ने दक्षिणी इसराइल में मिसाइलें दाग़ने के बाद ये बात कही है. लेकिन दूसरी ओर, फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया के प्रवक्ता ने कहा है कि संघर्षविराम अभी समाप्त नहीं हुआ है.

बीबीसी के मध्यपूर्व संवादादाता का कहना है कि इसराइल के साथ संघर्षविराम को लेकर हमास में मतभेद पैदा हो गए हैं.

इसराइल की स्थापना की उनसठवीं वर्षगाँठ पर इसराइल में रॉकेट हमले हुए हैं. हमास के सैनिक दस्ते इज़्ज़लदीन अल क़ासिम ब्रिगेड ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी इसराइल में क़रीब सौ मिसाइलें दाग़ी हैं.

दूसरी ओर, इसराइली सेना का कहना है कि उनके इलाक़े में 14 मिसाइलें गिरी हैं और इन हमलों में किसी को नुक़सान नहीं पहुँचा है.

हमास के सैनिक दस्ते का कहना है कि उसने ये मोर्टार हमला पश्चिमी तट और ग़ज़ा में किए गए इसराइली हमले के जवाब में किया है जिसमें नौ फ़लस्तीनी मारे गए थे.

हमास के प्रवक्ता फ़ौजी बारहूम ने कहा, “ आज और कल इज़्ज़लदीन अल क़ासिम ने जो हमले किए हैं वो हिंसा के जवाब में की गई कार्रवाई है. पश्चिमी तट और ग़ज़ा में फ़लस्तीनियों के इलाक़ों पर कब्ज़ा करने वाली इसराइली सेना ने उन पर बम गिरा रही है लोगों को बिना किसी कारण के गिरफ़्तार किया जा रहा है, यह इसी अत्याचार का ये जवाब है.”

इसराइल के उप प्रधानमंत्री शिमोन पेरेज़ ने आरोप लगाया है कि हमास अगर सचमुच संघर्षविराम का पालन करती तो ये स्थिति नहीं आती, “ हमारी चिंता ये है कि उन्होंने कभी संघर्षविराम का पालन नहीं किया. इसराइल पर कार बम हमले होते रहते हैं तो ऐसे में क्या इसराइल पलटकर कार्रवाई नहीं करेगा?”

फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री ने ये ज़रूर कहा कि इसराइल के आक्रामक व्यवहार से स्थिति संभालने में परेशानी हो रही है, “ हम संघर्षविराम बनाए रखने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इसराइल की आक्रामकता बढ़ी है. इसीलिए ये समस्या फ़लस्तीनियों नहीं इसराइल की ओर से है.”

बीबीसी के मध्यपूर्व संवादादाता का कहना है कि इसराइल के साथ संघर्षविराम को लेकर हमास में मतभेद पैदा हो गए हैं और एक वर्ग हमलों के पक्ष में है.

इसराइल में भी ये सवाल उठने लगे हैं कि स्थिति को देखते हुए क्या ग़ज़ा में इसराइली सेना को कार्रवाइयाँ तेज़ नहीं कर देनी चाहिए.