सोमवार, 23 अप्रैल, 2007 को 02:01 GMT तक के समाचार
इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने सुन्नी और शिया आबादी को अलग करने के लिए दीवार बनाने की विवादास्पद योजना पर रोक लगा दी है.
अमरीकी सेना ने घोषणा की थी कि बग़दाद में हिंसा पर रोक लगाने के लिए शिया और सुन्नी आबादी वाले इलाक़ों के बीचोबीच एक दीवार खड़ी की जाएगी.
इराक़ी नेताओं ने यह कहते हुए इस योजना का विरोध किया कि इससे जातीय तनाव और बढ़ेगा.
प्रधानमंत्री अल मलिकी ने कहा है कि हिंसाग्रस्त इलाक़े की सुरक्षा के लिए कई और वैकल्पिक उपाय हैं जिन पर विचार करना चाहिए.
उन्होंने काहिरा में अरब लीग के प्रमुख अम्र मूसा के साथ साझा संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही.
इससे पहले अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल स्कॉट ब्लीकवेल ने कहा था कि जातीय हिंसा रोकने के लिए कंक्रीट के कई दीवार खड़े किए जाने की योजना है.
दीवार
यह दीवार बग़दाद के अदमिया इलाक़े में बनाई जा रही थी. यहां सुन्नी समुदाय बहुसंख्यक हैं लेकिन इसके चारों ओर स्थित ज़िलों में शियाओं का वर्चस्व है.
इराक़ी प्रधानमंत्री अल मलिकी ने इस दीवार की तुलना बर्लिन की दीवार से करते हुए कहा कि इसके बुरे नतीज़े सामने आ सकते हैं.
पाँच किलोमीटर लंबी और 12 फिट ऊँची इस दीवार को बनाने का काम 10 अप्रैल को शुरू हुआ था. अमरीकी सेना ने इस माह के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य बनाया था.
सुन्नी नेता अदनान अल दुलैमी ने कहा था कि इस दीवार से दोनों समुदायों के बीच तनाव और बढ़ेगा.