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रविवार, 22 अप्रैल, 2007 को 13:37 GMT तक के समाचार

हरिंदर मिश्रा
यरूशलम से

इसराइल को मुशर्रफ़ की मदद नहीं चाहिए

इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओल्मर्ट ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने फ़लस्तीनियों और इसराइलियों के बीच मध्यस्थता करने की बात कही थी.

एक रेडियो इंटरव्यू में ओल्मर्ट ने कहा है कि वे फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास से सीधे बातचीत करना बेहतर समझते हैं.

ओल्मर्ट ने कहा, "महमूद अब्बास और मेरी मुलाक़ात के लिए किसी को दूर से आने की ज़रूरत नहीं है."

अल अरबिया टीवी चैनल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा था.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि वे मध्य पूर्व की समस्या को सुलझाने के लिए काफ़ी उत्साहित हैं और मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए उस क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं.

उन्होंने कहा था, "इस समस्या को सुलझाने में अगर कोई योगदान कर सकूँ तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी. अगर मेरे लिए कोई भूमिका हो, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार करें तो मैं भूमिका निभाने के लिए तैयार हूँ."

दुबई स्थित चैनल को दिए गए इंटरव्यू में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि वे इसराइल की यात्रा करके मध्य पूर्व में शांति स्थापना में मदद करना चाहते हैं.

शनिवार को इसराइल ने इस प्रस्ताव पर बहुत ही सतर्कता भरी प्रतिक्रिया दी थी और संदेह प्रकट किया था कि उनकी मध्यस्थता से कुछ हासिल हो सकेगा.

इसराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क रागेव ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रस्ताव का स्वागत तो किया था लेकिन साथ ही कहा था कि उनका प्रभाव काफ़ी सीमित होगा.

पाकिस्तान अब तक मध्य पूर्व पर किसी बातचीत में शामिल नहीं रहा है, लेकिन इसी वर्ष फ़रवरी में उसने इस्लामी देशों का एक सम्मेलन आयोजित किया था जिसमें मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, सऊदी अरब और तुर्की ने हिस्सा लिया था.

सितंबर 2005 में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने इसराइली विदेश मंत्री सिल्वन शैलोम से तुर्की में मुलाक़ात की थी, यह पहला मौक़ा था जब पाकिस्तान और इसराइल के बीच आधिकारिक स्तर पर कोई संपर्क हुआ था.

पाकिस्तान ने शुरूआत से ही इसराइल से दूरी बनाए रखी है और अभी भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध नहीं हैं.