रविवार, 22 अप्रैल, 2007 को 22:25 GMT तक के समाचार
फ़्रांस में राष्ट्रपति पद के लिए हुए पहले चरण के चुनाव के आरंभिक नतीजों से साफ़ हो गया है कि मुक़ाबला मध्य-दक्षिणमार्गी निकोलस सार्कोज़ी और समाजवादी सीगोलें रोयाल के बीच होगा.
अगले चरण का मतदान छह मई को होगा.
नतीजों के अनुसार गृहमंत्री रह चुके सार्कोज़ी 30 प्रतिशत मतों के साथ पहले स्थान पर हैं.
फ़्रांस की पहली महिला राष्ट्रपति बनने की कोशिश कर रहीं सीगोलें रोयाल 25 प्रतिशत मतों के साथ दूसरे स्थान पर हैं.
मध्यमार्गी माने जाने वाले फ्रांसुवा बेरू को 18 प्रतिशत मत मिले तो दक्षिणपंथी जाँ मारी ले-पेन को सिर्फ़ 11 प्रतिशत मत मिले.
फ़्रांस के पिछले 50 साल के इतिहास में इस बार रिकॉर्ड 85 प्रतिशत लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया.
बीबीसी संवाददाता करौलीन व्याट का कहना है कि राजनीतिज्ञों और उनके वादों के प्रति लोगों की उदासीनता में तब्दील न हो सकी.
मतदाताओं की संख्या इतनी अधिक थी कि अधिकारियों को मतदान के लिए अधिक समय देने का फ़ैसला करना पड़ा.
मतदान केंद्रों के बाहर युवा और बूढ़े लोगों की कतार नज़र आई लेकिन हमेशा की तरह उनके मत विभाजित ही थे.
जो दो लोग आगे आए हैं वे फ़्रांसिसी समाज के सबसे विवादित शख़्सियतों में से रहे हैं.
निकोलस सार्कोज़ी का वामपंथी इसलिए विरोध करते रहे हैं क्योंकि वे मानते हैं कि सार्कोज़ी सुधारवादी हैं और वे अपनी नीतियों से फ़्रांस की जीवनशैली को बदल देंगे और उदारवादी राज्यसत्ता में कटौतियाँ करेंगे.
इसी तरह से सीगोलें रोयाल के बारे में कुछ समाजवादियों का मत है कि वे बहुत अधिकारवादी और रूढ़िवादी हैं.