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शुक्रवार, 20 अप्रैल, 2007 को 02:08 GMT तक के समाचार

'लापता बीबीसी संवाददाता जीवित हैं'

फ़लस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास का कहना है कि बीबीसी के लापता पत्रकार एलन जॉन्सटन अब भी जीवित हैं.

महमूद अब्बास ने स्वीडन में पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' हमारी गुप्तचर सेवाओं ने इस बात की पुष्टि की है कि वो अब भी जीवित हैं.''

44 वर्षीय एलन जॉन्सटन को 12 मार्च को ग़ज़ा पट्टी से बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया था.

रविवार को एक गुमनाम फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन ने दावा किया था कि उसने एलन जॉन्सटन की हत्या कर दी है.

महमूद अब्बास ने कहा कि उन्हें जानकारी है कि किस गुट ने जॉन्सटन को पकड़ रखा है लेकिन उन्होंने इस बारे में और जानकारी नहीं दी.

ग़ज़ा में एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि जॉन्सटन की मौत में बारे में पुरानी ख़बरें सही नहीं हैं.

मोहम्मद अल मसरी ने कहा कि उपलब्ध सबूत बताते हैं कि वो जीवित हैं और सुरक्षित हैं.

ख़बर से प्रसन्नता

जॉन्सटन के पिता ने कहा कि यह ख़बर प्रसन्नता लेकर आई है. उनका कहना था,'' यह अच्छी ख़बर है, निश्चित रूप से अच्छी ख़बर है.''

बीबीसी ने एक बयान में इन ख़बरों का स्वागत किया है और कहा है कि वह एलन जॉन्सटन के कुशलक्षेम के बारे में पुख्ता सबूत और उनकी तत्काल रिहाई चाहते हैं.

बीबीसी संवाददाता कीथ एडम्स का कहना है कि ग़ज़ा ऐसा स्थान है जहाँ सच्चाई और अफ़वाह में फर्क करना मुश्किल होता है.

बीबीसी के पत्रकारों ने सोमवार को लंदन और बर्मिंघम में अपने विभिन्न दफ़्तरों के बाहर जॉन्सटन की तस्वीरों के साथ खड़े होकर उनकी रिहाई के लिए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया था.

जॉन्सटन के माता-पिता ने भी उनकी रिहाई के लिए भावुक अपील जारी की थी और अनुरोध किया है कि अगर इस मामले में किसी के पास कोई जानकारी हो तो वह सामने आए.

एलन जॉन्सटन ने 1991 में बीबीसी में काम करना शुरू किया था, वे अफ़ग़ानिस्तान, उज़्बेकिस्तान और ग़ज़ा में बीबीसी के संवाददाता रहने के अलावा बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के न्यूज़रूम में भी काम कर चुके हैं.

वो पिछले तीन वर्षों से ग़ज़ा में तैनात थे और वहाँ उनका कार्यकाल मार्च के अंत में ही समाप्त होना था.