शुक्रवार, 20 अप्रैल, 2007 को 03:22 GMT तक के समाचार
अमरीका के वर्जीनिया राज्य के गवर्नर ने विश्वविद्यालय में गोलीबारी की घटना के जाँच के आदेश दे दिए हैं.
गवर्नर टिम केन ने कहा कि इस जाँच में किसी पर दोषारोपण नहीं किया जाएगा बल्कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो.
दूसरी ओर इस मामले की जाँच कर रही पुलिस ने अमरीकी टीवी नेटवर्क एनबीसी की गोलीबारी करनेवाले छात्र का वीडियो दिखाए जाने को लेकर आलोचना की है.
कोरियाई छात्र चो सुंग हुई ने वीडियो और फ़ोटो का एक पैकेट एनबीसी को भेजा था.
पुलिस का कहना है कि चो सुंग हुई को कैमरे में पिस्तौल ताने दिखाए जाने जैसी तस्वीरें उनकी जाँच में बहुत कम मददगार साबित होंगी.
दूसरी ओर एनबीसी ने चो का वीडियो दिखाए जाने के फ़ैसले के पक्ष में दलील दी है.
एनबीसी न्यूज़ के प्रमुख स्टीव कैंपस का कहना था,'' मैं ये तो नहीं कह सकता कि यह घटना क्यों हुई, लेकिन मेरा मानना है कि इससे हत्यारे के दिमाग़ को समझने में मदद मिलेगी.''
चो ने एक पैकेट में 1800 शब्दों की लिखित सामग्री और 43 फ़ोटो भेजे थे जिनमें से 11 में वो कैमरे के सामने पिस्तौल ताने दिखाई दे रहे थे. इसके अलावा उन्होंने 28 वीडियो क्लिप भी भेजीं थीं.
एनबीसी ने इस वीडियो के कुछ अंश प्रसारित किए गए थे. एनबीसी के अनुसार चो ने उन दो घंटों के दौरान यह वीडियो भेजा जब वो परिसर में लोगों की हत्याएं कर रहा था.
दूसरी ओर अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि घायल आठ छात्रों का अब भी इलाज चल रहा है.
घटना
सोमवार को चो सुंग हुई ने विश्वविद्यालय परिसर में 32 लोगों को गोली मार कर हत्या कर दी थी.
अंग्रेज़ी का छात्र 23 वर्षीय चो सुंग हुई दक्षिण कोरियाई मूल का था और वह विश्वविद्यालय परिसर में ही रहता था.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उसने बिना एक शब्द बोले जो भी सामने आया उसे गोलियों से ढेर कर दिया.
विश्वविद्यालय के परिसर में गोलीबारी की दो घटनाएँ दो घंटे के अंतराल के बीच हुई थीं जिसमें हमलावर चो सुंग हुई समेत 33 लोग मारे गए थे.
इस गोलीबारी में एक भारतीय मूल के प्रोफ़ेसर जी वी लोगनाथन और एक भारतीय छात्रा मीनल पांचाल भी मारे गए थे.