वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी को राष्ट्रपति बुश ने अमरीका के लिए दुखद दिन बताया है. हमलावर की पहचान हो गई है.
गोलीबारी में मारे गए लोगों की याद में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा का कोई मतलब नहीं है.
इस बीच यूनिवर्सिटी में जिस छात्र ने अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं थीं उसकी पहचान कर ली गई है.
अंग्रेज़ी का छात्र 23 वर्षीय चो सुंग हुई दक्षिण कोरियाई मूल का था और वह यूनिवर्सिटी के परिसर में ही रहता था.
इस गोलीबारी में मारे गए 32 लोगों की आत्मा की शांति के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें राष्ट्रपति बुश के शामिल होने की संभावना है.
विश्वविद्यालय के परिसर में गोलीबारी की दो घटनाएँ दो घंटे के अंतराल के बीच हुई थीं, पुलिस का कहना है कि उसने दो बंदूक बरामद किए हैं लेकिन वह पक्के तौर पर यह नहीं बता पा रही है कि हमलावर एक ही व्यक्ति था या नहीं.
एबीसी टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष चार्ल्स स्टेजर ने कहा है कि इस हमले में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना हो सकती है.
अटकलें
उन्होंने कहा, "ये गोलीबारी की दो बहुत ही दुखद घटनाएँ हैं जो एक-दूसरे से जुड़ी हो भी सकती हैं और नहीं भी. अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता."
कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें पहली गोलीबारी के बाद सूचना देने में बहुत देरी की गई, दूसरी गोलीबारी के समय ही एक ईमेल के ज़रिए छात्रों को पहली घटना के बारे में बताया गया था.
एक छात्र बिली बैसन ने कहा, "यूनिवर्सिटी की ज़िम्मेदारी बनती है, उन्होंने पहली घटना के बाद कोई कदम नहीं उठाया."
लेकिन छात्र संघ के अध्यक्ष का कहना है कि "इस तरह की कोई घटना दोबारा हो सकती है इसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता था."
वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी और पुलिस ने कहा है कि वे सभी मृतकों के नाम तब तक जारी नहीं करेंगे जब तक उनकी पक्की शिनाख्त नहीं हो जाती लेकिन कुछ परिवारों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि इस घटना में उनके रिश्तेदार मारे गए थे.
मारे गए लोगों में भारतीय मूल के एक प्रोफ़ेसर वी लोगनाथन भी शामिल हैं.
बीबीसी के साथ बातचीत में उनके परिवारजनों ने बताया कि मंगलवार की सुबह उनकी मौत के बारे में जानकारी मिली.
लोगनाथन तमिलनाडु के कोयंबटूर ज़िले के रहनेवाले थे और वो कानपुर आईआईटी के छात्र रहे थे. वो वर्जीनिया तकनीक विश्वविद्यालय के सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफ़ेसर थे.