सोमवार, 16 अप्रैल, 2007 को 14:21 GMT तक के समाचार
बीबीसी का कहना है कि गज़ा पट्टी से लापता हुए उसके संवाददाता एलेन जॉन्सटन की हत्या किए जाने के दावे की निष्पक्ष सूत्रों से पुष्टि नहीं हो सकी है.
अब तक गुमनाम रहे एक फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन ने दावा किया है कि उसने एलेन जॉन्सटन की हत्या कर दी है.
बीबीसी का कहना है कि वह इस दावे के बाद से जॉन्सटन को लेकर बहुत चिंतित है और यह अपील दोहराई गई है कि उन्हें रिहा कर दिया जाए.
बीबीसी के पत्रकारों ने सोमवार को लंदन और बर्मिंघम में अपने विभिन्न दफ़्तरों के बाहर जॉन्सटन की तस्वीरों के साथ खड़े होकर उनकी रिहाई के लिए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया.
44 वर्षीय एलेन जॉन्सटन को 12 मार्च को गज़ा पट्टी में बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया था.
जॉन्सटन के माता-पिता ने भी उनकी रिहाई के लिए भावुक अपील जारी की है और अनुरोध किया है कि अगर इस मामले में किसी के पास कोई जानकारी हो तो वह सामने आए.
लंदन के अलावा, बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स और लेबनान की राजधानी बेरूत में भी एलेन जॉन्सटन की रिहाई के लिए प्रदर्शन हुए हैं.
बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉमसन ने कहा कि अभी जॉन्सटन की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने जॉन्सटन के परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट की और कहा कि उनके लिए यह समय बहुत कठिन है.
बीबीसी ने इससे पहले जारी किए गए एक बयान में कहा था कि "हम उनकी सुरक्षा के लिए बहुत चिंतित हैं, ब्रितानी तथा फ़लस्तीनी अधिकारियों से और अधिक जानकारी जुटाने की अपील कर रहे हैं."
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार सही जानकारी हासिल करने के लिए जाँच कर रही है.
प्रवक्ता ने कहा, "हम फ़लस्तीनी प्रशासन से मिलकर जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं."
एलेन जॉन्सटन ने 1991 में बीबीसी में काम करना शुरू किया था, वे अफ़ग़ानिस्तान, उज़्बेकिस्तान और ग़ज़ा पट्टी में बीबीसी के संवाददाता रहने के अलावा बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के न्यूजरूम में भी काम कर चुके हैं.
वे पिछले तीन वर्षों से गज़ा में तैनात थे और वहाँ उनका कार्यकाल मार्च के अंत में ही समाप्त होना था.