रविवार, 15 अप्रैल, 2007 को 15:03 GMT तक के समाचार
मॉस्को में सरकार विरोधी रैली के एक दिन बाद ही रूस के शहर सेंट पीटर्सबर्ग में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं.
शहर के बीचोंबीच स्थित एक चौराहे पर जमा हो गए जहाँ बड़ी संख्या में दंगा विरोधी पुलिस ने घेरा डाल दिया.
'अदर रशिया' नाम का गठबंधन बनाने वाले इन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ब्लादिमीर "पुतिन लोकतंत्र का गला घोट रहे हैं."
मॉस्को में शनिवार को हुए ऐसे ही एक प्रदर्शन में ग़िरफ़्तार होने वाले 170 लोगों में भूतपूर्व शतरंज ग्रैंड मास्टर गैरी कास्पारोव भी शामिल थे.
गिरफ़्तारी के कुछ घंटों बाद ही उन्हें रिहा कर दिया गया और शांति व्यवस्था भंग करने के लिए उन पर 40 डॉलर का ज़ुर्माना किया गया.
मॉस्को से एक रेडियो प्रसारण में कहा गया है कि सेंट पीटर्सबर्ग पहुँचते ही कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया. इनमें पोरा युवा आंदोलन के नेता आंद्रे सिदेल्निकोव भी शामिल थे.
जुलूस पर प्रतिबंध
पुलिस नाकेबंदी की धमकी के बीच आयोजक इस पर विचार करते रहे कि जुलूस निकालें या नहीं.
रूसी अधिकारियों ने रैली की अनुमति नहीं दी है और जुलूस निकालने पर पाबंदी है.
आयोजकों को कहना है कि मॉस्को जुलूस के प्रति प्रशासन के कड़े रवैये के विरोध में सेंट पीटर्सबर्ग की रैली में भारी भीड़ जुट सकती है.
कास्पारोव की पार्टी युनाईटेड सिविल फ्रंट के एक नेता ओल्गा कुरनोसोवा ने सेंट पीटर्सबर्ग में बताया, "जो कुछ भी रूसी अधिकारी कर रहे हैं उसे देखते हुए मैं समझता हूँ कि यहाँ कहीं ज़्यादा लोग इकट्ठा होंगे."
राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने विपक्ष पर रूस को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए लोकतंत्र को कुचलने की बात से इनकार किया है.
शनिवार को मॉस्को के पुश्किन स्क्वायर पर प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा नहीं होने देने के लिए नौ हज़ार से भी अधिक पुलिसकर्मियों ने एक भारी सुरक्षा अभियान छेड़ा था.
मॉस्को में सुरक्षा अभियान उस समय छेड़ा गया जब रूस ने चेतावनी दी कि वह लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे बोरिस बेरेजोवस्की का प्रत्यर्पण चाहते हैं.
बेरेजोवस्की ने ब्रिटेन के एक अख़बार को बताया था कि वे ब्लादिमीर पुतिन का सत्तापलट करने के लिए क्रांति की योजना बना रहे थे.
पुतिन पर एक निरंकुश शासन की स्थापना करने का आरोप लगाते हुए बेरेजोवस्की ने कहा था कि रूस के नेतृत्त्व को केवल बल-प्रयोग के ज़रिए ही हटाया जा सकता है.
बाद में स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा था कि उन्होंने शांतिपूर्ण बदलाव की बात की थी और हिंसा का समर्थन नहीं किया था.