रविवार, 15 अप्रैल, 2007 को 17:58 GMT तक के समाचार
अभी तक अनजान रहे एक फ़लस्तीनी ग्रुप कताएब अल जिहाद अल तौहीद ने एक बयान जारी करके कहा है कि उसने बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्स्टन की हत्या कर दी है.
बीबीसी का कहना है कि उसे इस रिपोर्ट के बारे में पता है और वह इसे लेकर चिंतित भी है. लेकिन ये भी कहा है कि अभी तक स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
फ़लस्तीनी प्रशासन ने भी कहा है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं जिससे वह एलेन जॉन्स्टन की हत्या की पुष्टि कर सके. क़रीब एक महीने पहले एलेन जॉन्स्टन अपने ग़ज़ा स्थित कार्यालय के बाहर से लापता हो गए थे.
समाचार एजेंसियों को भेजे अपने बयान में इस फ़लस्तीनी ग्रुप ने इस बात पर विरोध भी जताया है कि एलेन जॉन्स्टन मामले पर जिस तरह तरजीह दी गई उस तरह जेल में बंद फ़लस्तीनी क़ैदियों के बारे में चर्चा नहीं होती.
मांग
बीबीसी संवाददाता माइक वूलरिज़ ने कहा है कि जॉन्स्टन की हत्या का दावा करने वाला यह ग्रुप के बारे में कम ही जानकारी है. जॉन्स्टन के लापता होने के बाद सरकार के साथ-साथ कई स्तर पर उनकी सुरक्षित रिहाई की मांग की गई थी.
यहाँ तक कि फ़लस्तीनी पत्रकारों ने भी एलेन जॉन्स्टन की रिहाई के लिए प्रदर्शन किया था. गुरुवार को ही बीबीसी ने अल जज़ीरा, सीएनएन और स्काई न्यूज़ के साथ मिलकर जॉन्स्टन की रिहाई के लिए एक विशेष लाइव शो किया था.
इस कार्यक्रम में जॉन्स्टन के काम की सराहना की गई थी. जॉन्स्टन की रिहाई के लिए एक ऑनलाइन याचिका के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया था. जिसमें 30 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने हस्ताक्षर किए थे.
एलेन जॉन्स्टन के पिता ग्राहम ने भी अपने बेटे की रिहाई के लिए अपील की थी. 44 वर्षीय एलेन जॉन्स्टन ने 1991 में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से जुड़े थे. उन्होंने इन 16 वर्षों के आख़िरी आठ साल संवाददाता के रूप में बिताए हैं.
उन्होंने उज़बेकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में भी काम किया है. ग़ज़ा में वे पिछले तीन साल से काम कर रहे हैं और वे एकमात्र ऐसे पश्चिमी रिपोर्टर हैं जो ग़ज़ा से काम कर रहे थे.