शनिवार, 14 अप्रैल, 2007 को 04:45 GMT तक के समाचार
उत्तर कोरिया के योंगब्योन परमाणु रिएक्टर को बंद करने की समयसीमा समाप्त हो चुकी है लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि यह रिएक्टर बंद किया गया है या नहीं.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उत्तर कोरिया छह देशों की वार्ता के बाद योंगब्योन परमाणु रिएक्टर बंद करने पर सहमत हो गया था.
विभिन्न देशों के गुट के साथ हुए परमाणु समझौते के तहत उत्तर कोरिया को यह रिएक्टर 14 अप्रैल को बंद कर देना था.
हालांकि बाद में उत्तर कोरिया ने मकाऊ के बैंक में उसके सील कर दी गई 25 मिलियन की राशि पर रोक हटाने की शर्त लगा दी थी.
उत्तर कोरिया के साथ वार्ताओं से जुडे अमरिकी सहायक विदेश सचिव क्रिस्टोफर हिल ने कहा है कि जिस तरह से उत्तर कोरिया ने समयसीमा को बिल्कुल गंभीरता नहीं दी है वह आश्चर्यजनक और चिंता करने की बात है.
पैसे पर बवाल
मकाऊ बैंक खातों को लेकर उत्तर कोरिया ने कड़ा रवैया अपना रखा है लेकिन शुक्रवार को उन्होंने साफ किया कि वो रिएक्टर बंद करने के पक्ष में हैं.
विदेश मंत्रालय के यूरोपीय विभाग के उपनिदेशक किम सोन ग्योंग ने एएफपी से कहा ' हम 13 फरवरी को किए गए समझौते का सम्मान करते हैं. इससे अधिक नहीं और कम भी नहीं. '
उन्होंने कहा ' निराशावादी होने की कोई ज़रुरत नहीं है और कोई कारण नहीं है. हम समझौते को मानते हैं अगर अमरीका इसके प्रावधानों को मानता है. '
हालांकि बाद में क्रिस्टोफर हिल ने कहा कि बैंक संबंधी मुद्दा सुलझा लिया गया है जिसके बाद से कोरिया पर परमाणु रिएक्टर को बंद करने का दबाव बढ़ गया है.
हिल ने तो दबाव बनाते हुए यहां तक कहा कि अब कोरिया को जल्दी ही संयुक्त राष्ट्र परमाणु विशेषज्ञों को बुलाना चाहिए.
हालांकि इसमें देरी के बावजूद सभी पक्ष कह रहे हैं कि फरवरी का समझौता कारगर साबित होगा.