सोमवार, 09 अप्रैल, 2007 को 05:49 GMT तक के समाचार
इराक़ की राजधानी बग़दाद पर अमरीकी नेतृत्व वाली सेना के कब्ज़े और सद्दाम हुसैन के शासन के ख़ात्मे का सोमवार को चौथा साल है और इस मौके पर हज़ारों की संख्या में शिया समुदाय के लोग नजफ़ में इकट्ठा हुए हैं.
ये लोग अमरीका के नेतृत्व वाली सेना के इराक़ छोड़ने की माँग कर रहे हैं.
उधर राजधानी बग़दाद में इसे देखते हुए सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं.और वहाँ कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
सोमवार को सुरक्षा के लिहाज से किसी भी वाहन की आवाजाही पर शहर में 24 घंटे के लिए रोक लगा दी गई है.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वे इस मौके पर कोई भी ढील देकर चरमपंथियों को किसी भी तरह से हमले का मौका नहीं देना चाहते हैं.
मुक़तदा अल सद्र
शिया नेता मुक़तदा अल सद्र ने इस मौके पर एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने अमरीकी सेना को कट्टर दुश्मन बताया है.
वे ख़ुद तो सामने नहीं आए लेकिन उन्होंने लोगों से कहा, क़ब्ज़ा ख़त्म करने के लिए आपको जाना होगा और प्रदर्शन करना होगा.
लेकिन साथ ही मुक़तदा अल सद्र ने अपने समर्थकों से हिंसा न करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि मेहदी सेना और इराक़ी सुरक्षाकर्मी संयम से काम लें और दुश्मन के ख़िलाफ़ एकजुट हों न कि देश के सपूतों के ख़िलाफ़.
मुक़तदा अल सद्र के समर्थकों के पास संसद की कई सीटें हैं जिसके चलते सरकार में उनकी अहम भूमिका है.
शिया नेता मुक़तदा अल सद्र के समर्थक इराक़ में अहम भूमिका निभाते हैं और माना जाता है कि इराक़ में होने वाली जातीय हिंसा की घटनाओं में मेहदी सेना का बड़ा हाथ रहा है.
सद्दाम का तख़्ता पलट
चार वर्ष पहले अमरीका के नेतृत्व वाली फ़ौज ने बग़दाद में घुसकर प्रतीक के रुप में चौराहे पर लगी सद्दाम हुसैन की प्रतिमा को गिरा दिया था.
इससे पहले रविवार को इराक़ के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा में 20 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे.
सबसे बड़ी घटना दक्षिण बग़दाद के महमूदिया में हुई थी जहाँ एक शक्तिशाली कार बम फटने से 18 लोगों की मौत हो गई थी.