सोमवार, 09 अप्रैल, 2007 को 22:49 GMT तक के समाचार
ईरान की इस घोषणा पर कि वह बड़े पैमाने पर परमाणु ईंधन बना सकता है, अमरीका और पश्चिमी देशों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
उल्लेखनीय है कि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने घोषणा की है कि अब ईरान अपने दम पर बड़े पैमाने पर परमाणु ईंधन तैयार कर सकता है.
उल्लेखनीय है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दुनिया भर में विवाद चल रहा है और ईरान की परमाणु कार्यक्रम चलाते रहने की ज़िद के चलते संयुक्त राष्ट्र ने आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए हैं.
अमरीका और कुछ यूरोपीय देश आशंका जताते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है. जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.
प्रतिक्रिया
अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के रक्षा मामलों के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का लगातार उल्लंघन करता जा रहा है और इससे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है.
प्रवक्ता ने कहा कि ईरान को तुरंत अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर देना चाहिए.
उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी कहा है कि ईरान को सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि जब ईरान संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है तो उसे बातचीत शुरु करना चाहिए."
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार यूरोपीय संघ के प्रवक्ता ने फिर से कहा है कि ईरान को परमाणु संवर्धन का काम तुरंत रोक देना चाहिए.
प्रवक्ता टॉन वैन लीरो ने कहा है कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को पूरा सहयोग देना चाहिए.
धमकी
अपने परमाणु क्षमता की नई घोषणा करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, " मैं बड़े गर्व से कहता हूँ कि आज ईरान परमाणु देशों के क्लब में शामिल हो गया है और औद्योगिक पैमाने पर परमाणु ईंधन बना सकता है."
उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी लेकिन कुछ अधिकारियों का मानना है कि कि नतांज़ केंद्र में तीन हज़ार यूरेनियम गैस संवर्धन सेंट्रीफ़्यूज चल रहे हैं.
सेंट्रीफ़्यूज वो मशीन है जो यूरेनियम के संवर्धन में मदद करती हैं.
अहमदीनेजाद ने यह घोषणा उस दिन की जब ईरान अपना तकनीक दिवस मना रहा है.
इसके अलावा ईरानी राष्ट्रपति ने धमकी दी है कि अगर पश्चिमी देशों ने उनके देश पर और दबाव बनाया तो, उनके पास इसके अलावा कोई चारा नहीं होगा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि की सदस्यता पर पुनर्विचार करे.