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शुक्रवार, 06 अप्रैल, 2007 को 06:03 GMT तक के समाचार

नौसैनिकों को बंधक बनाने की जाँच शुरू

ब्रिटेन की नौसेना ने इस बात की जाँच शुरू कर दी है कि किन परिस्थितियों में उसके 15 नौसैनिकों को ईरान ने बंधक बनाया था.

इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस बात से इनकार किया है कि ब्रितानी नौसैनिकों की रिहाई के बदले ईरान के साथ किसी तरह का सौदा हुआ.

इस बीच रिहा हुए सभी 15 नौसैनिक ब्रिटेन पहुँच गए हैं जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष वे अपनी आपबीती सुना रहे हैं.

टोनी ब्लेयर ने इस नौसैनिकों की रिहाई पर कहा, "उनकी रिहाई के लिए न कोई सैदा हुआ, न बातचीत और ना ही कोई गुप्त समझौता."

हीथ्रो हवाई अड्डे पर रिहा नौसैनिकों के पहुँचने के बाद ब्लेयर ने उनकी वापसी पर खुशी ज़ाहिर की.

अधिकारियों ने इस बात से भी इनकार किया कि पूरी घटना के लिए ब्रिटेन ने माफी माँगी है.

ईरानी टेलीविज़न ने वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता के सलाहकार के हवाले से ख़बर दी थी कि ब्रिटेन ने पत्र भेज कर माफी माँगी है.

ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिनों पहले ब्रिटेन और ईरान के बीच लिखित संवाद हुआ था लेकिन यह सिर्फ़ कूटनीतिक संवाद का हिस्सा है.

बातचीत

इस बीच रिहा हुए नौसैनिकों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बात हो रही है. वे ये बता रहे हैं कि किन परिस्थितियों में उन्हें बंधक बनाया गया.

नौसैनिक ये भी बता रहे हैं कि बंधक बनाए जाने के बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उनके साथ कैसा वर्ताव किया.

उनके परिजनों का कहना है कि बंधक रहने के दौरान कुछ नौसैनिकों को एक-दूसरे से अलग रखा गया.

इस घटना के बाद ब्रितानी नौसेना ने उत्तरी खाड़ी में मालवाहक जहाजों पर चढ़ना फिलहाल बंद कर दिया है.