http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 29 मार्च, 2007 को 19:18 GMT तक के समाचार

सैन्य वापसी की तारीख़ तय की सीनेट ने

अमरीकी सीनेट ने इराक़ से एक साल के भीतर सभी सैनिकों को वापस बुलाने संबंधी एक विधेयक को पारित कर दिया है.

इस विधेयक को पारित किया जाना राष्ट्रपति के अधिकारों को चुनौती देने के समान है क्योंकि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पिछले एक सप्ताह से भी कम समय में तीसरी बार ऐसे किसी विधेयक के ख़िलाफ अपने वीटो अधिकार का प्रयोग करने की बात कही है.

विधेयक ऐसे समय में पारित किया गया जब घंटा भर पहले राष्ट्रपति ने एक बार फिर वीटो की चेतावनी दी थी.

बुश ने कहा," मैं ऐसे किसी भी विधेयक को वीटो कर दूंगा जो ज़मीन पर हमारे सैनिकों पर बंधन बनता हो.....जो हमारे सैनिकों के लिए फंड न मुहैय्या कराता हो."

इस विधेयक के तहत इराक़ में लड़ाई के लिए धन को सैनिकों की वापसी से जोड़ दिया गया है. यह विधेयक 47 के मुकाबले 51 मतों से पारित हुआ है.

विधेयक के तहत अमरीकी सैनिकों को मार्च 2008 तक वापस आना है तभी अमरीकी सीनेट इराक़ में संघर्ष जारी रखने के लिए धन उपलब्ध कराएगा.

पिछले सप्ताह प्रतिनिधि सभा ( हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव) ने भी ऐसा ही विधेयक पारित किया था.

सीनेट द्वारा पारित विधेयक में 122 अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है जिसका इस्तेमाल अफ़गानिस्तान और इराक़ युद्ध में किया जाना है लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि ये धन तभी उपलब्ध होगा जब राष्ट्रपति इस विधेयक के पारित होने के 120 दिन के भीतर इराक़ से सैनिकों की वापसी शुरु कर दें.

प्रतिनिधि सभा और सीनेट के विधेयकों को मिलाकर एक विधेयक बनेगा जो राष्ट्रपति को भेजा जाएगा और अगर वो इस पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे तो ये विधेयक क़ानून नहीं बनेगा.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की युद्ध नीति के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी चुनौती होगी क्योंकि दोनों सदन में सैनिकों की वापसी पर जो़र दिया गया है.

सीनेट में इस विधेयक के पारित होने से एक दिन पहले दोनों सदनों के नेताओं ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उन पर यह आरोप लगाया था कि उनके कारण ही विधेयक के पारित होने में रुकावट आ रही है.

सीनेट नेता हैरी रीड और प्रतिनिधि सभा की नेता नैन्सी पेलोसी का कहना था " हम आपके (राष्ट्रपति) साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं लेकिन आपने उस विधेयक को वीटो करने की धमकी दी जो पेश तक नहीं किया गया था जो इस बात का संकेत है कि आप हमारे साथ मिलकर काम करना नहीं चाहते. "

आने वाले दिनों में दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक राष्ट्रपति बुश के लिए परीक्षा की घड़ी साबित हो सकता है.