गुरुवार, 29 मार्च, 2007 को 05:05 GMT तक के समाचार
ईरान ब्रितानी अधिकारियों को उन ब्रितानी नौसैनिकों से मिलने देगा जिन पर ईरानी जल क्षेत्र में बिना इजाज़त प्रवेश करने का आरोप है.
ब्रितानी नौसैनिकों को पिछले शुक्रवार को ईरान के 'रेवोल्युशनरी गार्ड्स' ने पकड़ लिया था.
ब्रितानी सरकार ने ईरान के आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसके नौसैनिक दरअसल इराक़ी जल क्षेत्र में ही गश्त लगा रहे थे.
इन नौसैनिकों को बंधक बनाए जाने का विरोध करते हुए ब्रिटेन ने उनकी रिहाई तक ईरान के साथ अधिकतर द्विपक्षीय संबंधों को स्थगित करने की घोषणा की है.
ईरानी विदेश मंत्री मनोशेर मुत्तक़ी के हवाले से यह भी कहा गया है कि 15 नौसैनिकों में से एक अकेली महिला नौसैनिक को छोड़ा जा सकता है.
साथ ही ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि समस्या का समाधान हो सकता है यदि ब्रिटेन यह स्वीकार कर ले कि उसके नौसैनिक ग़लती से ईरानी जल क्षेत्र में चले गए थे.
हालांकि ब्रिटेन के अधिकारियों ने कहा है कि वे अभी भी ईरानी विदेश मंत्री की ओर से की गई टिप्पणी के विस्तृत ब्योरे का इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं मिला है.
तस्वीरों पर आपत्ति
इस ताज़ा पेशकश से पहले ईरान के सरकारी टीवी ने बंधक बनाए गए ब्रिटेन के 15 नौसैनिकों की तस्वीरें दिखाई और उनमें से एक महिला नौसैनिक का बयान प्रसारित किया था.
इन नौसैनिकों में से एक, 26 वर्षीय फ़े टर्नी को यह कहते हुए दिखाया गया है कि जब उन्हें पकड़ा गया तो वे ईरानी समुद्री सीमा में चले गए थे.
इन तस्वीरों के दिखाए जाने पर ब्रिटेन ने आपत्ति जताई है.
ब्रिटेन की विदेश मंत्री मार्गरेट बैकेट ने तस्वीरें टेलीविज़न पर दिखाने पर आपत्ति जताई है और साथ ही कहा है कि वे नौसैनिकों पर दबाव डाले जाने को लेकर चिंतित हैं.
उन्होंने एक व्यक्तिगत पत्र का इस तरह उपयोग किए जाने पर भी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि इससे परिजनों का तनाव बढ़ेगा.