बुधवार, 28 मार्च, 2007 को 12:37 GMT तक के समाचार
ब्रितानी विदेश मंत्री मार्ग्रेट बैकेट ने संसद में घोषणा की है कि उनका देश ईरान के साथ सभी तरह के द्विपक्षीय संबंधों को स्थगित कर रहा है.
उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक ईरान बंदी बनाए गए 15 ब्रितानी नौसैनिकों को रिहा नहीं कर देता.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने ईरान की इस कार्रवाई को 'ग़लत, ग़ैर क़ानूनी और अस्वीकार्य' बताया है.
टोनी ब्लेयर ने संसद में कहा कि अब समय आ गया है जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाए जाने की ज़रूरत है.
इस बीच ईरान की ओर से जारी किए गए ताज़ा बयान में कहा गया है कि मामले को सहयोग और बातचीत के ज़रिए सुलझाया जा सकता है.
इससे पहले ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने इस बात के सबूत जारी किए थे कि उसके नौसैनिक इराक़ी जल सीमा के भीतर थे न कि ईरानी सीमा में.
ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम के आँकड़े जारी किए हैं और दावा किया है कि उनका जहाज़ इराक़ी जल सीमा के दो मील भीतर ही था जब उनके नौसैनिकों को बंधक बनाया गया.
ईरान का कहना रहा है कि इन नौसैनिकों को ईरान की जलसीमा में घुसने के बाद पकड़ा गया था.
ब्रितानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन ख़बरों का स्वागत किया है कि संभवतः तुर्की के राजनयिकों को ईरान बंदी नौसैनिकों से मिलने की अनुमति दे सकता है.
शुक्रवार को इन नौसैनिकों को ईरान ने हिरासत में लिया था और ब्रिटेन का कहना है कि उन्हें बंदूक की नोक पर अगवा किया गया है.
बंदी बनाए गए सैनिकों में एक महिला भी शामिल है.