मंगलवार, 27 मार्च, 2007 को 10:30 GMT तक के समाचार
बर्मा के सैन्य शासन ने पहली बार बाहरी दुनिया के लिए अपनी नई राजधानी नेपीएडॉ का दरवाज़ा खोला. नेपीएडॉ पुरानी राजधानी रंगून से 460 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.
अब तक चुनिंदा विदेशियों को ही नेपीएडॉ जाने की इजाज़त दी गई थी लेकिन मंगलवार को विदेशी मीडिया के लोगों को सेना दिवस की परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया था.
हालांकि यह अभी तक साफ़ नहीं है कि राजधानी को रंगून से हटाकर नेपीएडॉ क्यों ले जाया गया है.
नई राजधानी के नज़दीक पहुँचते ही तंग और ट्रैफिक से भड़ी सड़क अचानक आठ लेन की सड़क में तब्दील हो जाती है.
भव्य निर्माण
सैकड़ों वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में नाई पी डा का भव्य रूप देने का काम तेज़ी से चल रहा है.
सारे सरकारी कर्मचारियों को डेढ़ साल पहले ही रंगून से नई राजधानी भेज दिया गया.
यहाँ उनके लिए अपार्टमेंट बनाए जा रहे हैं, जहाँ पर्याप्त बिजली और पानी की व्यवस्था है.
हालांकि सरकारी कर्मचारियों की शिकायत है कि नई राजधानी में दुकानों और रेस्तरां की कमी है. बहुत से लोगों ने तो अपना परिवार यहाँ लाने से इनकार कर दिया.
सेना के लिए शहर के पूर्वी हिस्से में किले जैसा परिसर बनाया गया है. बर्मा के सैनिक शासक थान श्वे यहीं रहते हैं.
मंगलवार की सुबह थान श्वे ने हज़ारों सैनिकों की परेड की सलामी ली. वे दुर्बल नज़र आ रहे थे लेकिन उनके भाषण में वही चिर-परिचित कठोरता थी.
उन्होंने प्रजातांत्रिक सुधारों को लेकर अमरीका और यूरोप की ओर से बढ़ते दबावों का हवाला देते हुए कहा कि सैनिकों को विदेशी ताकतों के मंसूबों के ख़िलाफ़ सतर्क रहना होगा क्योंकि वे देश को कमजोर करने में लगे हैं.