रविवार, 25 मार्च, 2007 को 06:50 GMT तक के समाचार
यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना का कहना है कि वे परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान से बातचीत दोबारा शुरू करने की उम्मीद कर रहे हैं.
हाविए सोलना ने कहा कि वे ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार हाविए अली लारीजानी से संपर्क करेंगे.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है.
ईरान ने अपने ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध कड़े करने का विरोध करते हुए कहा है कि इससे उसे परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को 'अवैध' और 'अनुचित' बताया है.
परमाणु कार्यक्रम रोकने की संयुक्त राष्ट्र की अपील नकार देने के बाद ईरान के ख़िलाफ़ ये प्रतिबंध लगाए गए हैं.
प्रतिबंध
इससे पहले ईरान के ख़िलाफ़ दिसंबर 2006 में प्रतिबंध लगाए गए थे और ताज़ा प्रस्ताव के साथ प्रतिबंध और कड़े किए गए हैं.
इन नए प्रतिबंधों के साथ ईरान को हथियारों का निर्यात नहीं किया जा सकेगा और इसके अलावा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों के खाते सील किए जा सकेंगे.
ईरान के विदेश मंत्री मनोशेर मोत्तकी ने इस कार्रवाई को 'अवैध' और 'अनुचित' बताया है और कहा है, "हम कोई टकराव नहीं चाहते. मैं यह ज़रुर कहना चाहता हूँ कि दबाव और धमकी से ईरान की नीति नहीं बदलेगी."
उनका कहना था कि प्रतिबंध न तो कोई विकल्प था और न हल.
उन्होंने कहा, "शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के लिए ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाना संयुक्त राष्ट्र के नियमों का सरासर उल्लंघन है."
ईरान कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है और इसीलिए उसे रोकने से इनकार करता रहा है.
अमरीका सहित कई पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान परमाणु बम बनाने के लिए कार्यक्रम चला रहा है.
अमरीका के विदेश उपमंत्री निकोलस बर्न्स ने कहा है कि ईरान पर हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध महत्वपूर्ण है क्योंकि वह हिज़्बुल्ला और हमास जैसे चरमपंथी गुटों को हथियारों का बड़ा आपूर्तिकर्ता है.