गुरुवार, 22 मार्च, 2007 को 11:37 GMT तक के समाचार
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दुनिया भर के देशों से अपील की है कि वे ग्वांतानामो बे में लगाई जा रही सैनिक अदालत से किसी तरह का सहयोग न करें.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि अवैध तरीक़े से चलाए जा रहे मुक़दमे में दूसरे देशों को गवाहियाँ या सबूत नहीं देना चाहिए.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने माँग की है कि अमरीका सैनिक अदालतों का गठन बंद करे और सिविल अदालतों में अमरीका की सीमा के भीतर ही मुक़दमे चलाए जाएं.
ग्वांतानामो बे में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में रखे गए लोगों के ख़िलाफ़ सुनवाई अगले सप्ताह दोबारा शुरू होगी.
एमनेस्टी इंटरनेशनल की निदेशक केट एलन ने कहा है, "सैनिक अदालतें न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के विपरीत हैं."
एमनेस्टी इंटरनेशनल की अमरीका स्थित निदेशक सूज़ैन ली ने कहा, "इन मुक़दमों में न्यायिक सिद्धांतों की अनदेखी करके जल्द से जल्द लोगों को दोषी साबित करने की कोशिश की जा सकती है, जिस अन्याय के लिए ग्वांतानामो बे बदनाम है उसमें एक अध्याय और जुड़ जाएगा."
रिपोर्ट
एमनेस्टी का यह बयान ऐसे मौक़े पर आया है जब उसने एक रिपोर्ट जारी की है--'जस्टिस डिलेड एंड जस्टिस डिनाइड' (न्याय में देर भी और अंधेर भी). इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि सैनिक अदालतों में निष्पक्ष न्याय नहीं हो सकता और ज़ोर देकर कहा गया है कि उत्पीड़न से हासिल की गई गवाहियों और सबूतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्वांतानामो बे के बंदियों को अपील करने का बहुत ही सीमित अधिकार दिया गया है और इस बात की भी आशंका है कि निर्दोष साबित होने के बावजूद उन्हें अनिश्चितकाल के लिए जेल में बंद रखा जाए.
अमरीका 27 मार्च से ग्वांतानामो बे के मुक़दमे को दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिन लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलना है उनमें 31 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक डेविड हिक्स भी शामिल हैं.
डेविड हिक्स पर अफ़ग़ानिस्तान में अल क़ायदा की ओर लड़ने का आरोप है.
अमरीका ने ग्वांतानामो बे में बंद 385 विदेशी क़ैदियों में से 60 से लेकर 80 बंदियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंशा ज़ाहिर की है.