रविवार, 18 मार्च, 2007 को 10:33 GMT तक के समाचार
इराक़ में अमरीकी सेना के नए कमांडर जनरल डेविड पेट्रास का कहना है कि सेना बढ़ाने का असर दिख रहा है और वहाँ जातीय हिंसा में कमी आई है.
बीबीसी के साथ बातचीत में जनरल पेट्रास ने कहा कि पाँच अतिरिक्त सैन्य ब्रिगेड में से दो को तैनात कर दिए जाने के बाद अब हमलों में कमी आई है.
उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में जब सभी अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती हो जाएगी तो हिंसा रोकने में और सफ़लता मिल सकती है.
रविवार को बग़दाद में हुए एक हमले में तीन इराक़ी नागरिक मारे गए. इससे पहले शनिवार को घात लगाकर किए हमले में चार अमरीकी सैनिक मारे गए थे और क्लोरीन गैसों के इस्तेमाल से हुए हमलों में आठ लोगों की जानें गई थीं.
अमरीकी सैनिकों पर हुए एक अन्य बम हमला भी हुआ और छोटे हथियारों से फायरिंग भी की गई.
नई नीति
अब नए सिरे से सैनिकों की तैनाती की नीति को बग़दाद और अनबार प्रांत में हिंसा पर काबू पाने का प्रयास कहा जा रहा है.
जनरल पेट्रास ने कहा कि अभी से उत्साहजनक संकेत मिल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नए सुरक्षा अभियान से ऐसे सैकड़ों परिवार अपने पुराने जगहों पर लौट आए हैं जो पूरी तरह से खाली हो चुके थे.
जब पेट्रास से स्पष्ट तौर पर यह बताने को कहा गया कि उनका अभियान कारग़र हो रहा है या नहीं तो उन्होंने कहा,"वर्दीधारी युवक और युवतियों के प्रति मेरा भी एक कर्त्तव्य है कि यदि मैं ऐसा सोचता हूँ कि ऐसा नहीं होने जा रहा है तो मैं उन्हें बताऊँ कि ऐसा नहीं होने जा रहा है और इसमें बदलाव की ज़रूरत है."
पिछले साल समारा के एक शिया मक़बरे पर हुए हमले के बाद से ही इराक़ में व्यापक हिंसा का दौर शुरु हो गया.
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले अक्टूबर में हताहतों की संख्या तीन हज़ार 700 के रिकॉर्ड आँकड़े तक पहुँच गया.
इस वर्ष मार्च की शुरुआत में ही अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने इराक़ में कुल 21 हज़ार 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाने की घोषणा की थी.
इसी महीने अमरीकी रक्षामंत्री ने भी बग़दाद के लिए अतिरिक्त दो हज़ार दो सौ सैनिकों की तैनाती के अनुरोध पर अपनी स्वीकृति दे दी थी.