शनिवार, 17 मार्च, 2007 को 11:10 GMT तक के समाचार
इराक़ में चरमपंथियों ने ताज़ा हमलों में क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया है. इसमें आठ लोग मारे गए और छह अमरीकी सैनिकों समेत सैकड़ों घायल हो गए.
दो हमले इराक़ी शहर फ़लूजा के निकट हुए. तीसरा रमादी के निकट हुआ. इन दोनों स्थानों में अल क़ायदा चरमपंथी सक्रिय रहे हैं.
घातक क्लोरीन गैस फ़ेफड़े और गले को जला देती है और कुछ ही मिनट में मौत हो सकती है.
फ़लूजा में दो ऐसे हमले हुए जिनमें आत्मघाती हमलावरों ने क्लोरीन से लदे टैंकर में विस्फोट कर दिया.
इन हमलों में आठ लोग मारे गए हैं और 80 से ज़्यादा बीमार हो गए.
रणनीति
अमरीकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी नई रणनीति के तहत ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
इसी तरह के हमले में एक कबीलाई नेता के घर को निशाना बनाने की कोशिश की गई जो अलक़ायदा के विरोधी माने जाते हैं.
फरवरी महीने में पूरे इराक़ में तीन ऐसे हमले हुए जिनमें क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया गया.
अमरीका ने हाल ही में इराक़ के लिए नई सुरक्षा योजना पर अमल करना शुरू किया है और बीस हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है.
इसके बावजूद आत्मघाती हमलों में कमी नहीं आ रही है. पिछले रविवार को बग़दाद में दो अलग अलग बम विस्फोटों में 40 से अधिक लोग मारे गए हैं.
करादा मे हुए इस कार बम हमले में शिया तीर्थयात्रियों को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है.
हमले में आत्मघाती हमलावर ने विस्फ़ोटकों से भरी कार ले जाकर उस ट्रक से टकरा दी जिसमें 70 से अधिक लोग सवार थे और करबला से लौट रहे थे.