परमाणु कार्यक्रम न रोकने के कारण ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने के नए प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों और जर्मनी के बीच सहमति बन गई है.
संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन राजदूत ने इस सहमति प्रस्ताव को तुरंत सुरक्षा परिषद के दस अस्थायी सदस्यों के सामने पेश कर दिया.
अस्थायी सदस्यों को इस प्रस्ताव पर बातचीत में शामिल नहीं किया गया था और यह बातचीत सिर्फ़ पाँच स्थायी सदस्यों और जर्मनी के बीच हुई.
इस प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद में मतदान अगले सप्ताह होने की संभावना है.
प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने इस पैकेज में शस्त्रों की आपूर्ति पर प्रतिबंध, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े लोगों की संपत्ति को फ्रीज़ करना और ईरान को मिलने वाले किसी भी नए क़र्ज़ या वित्तीय सहायता को रोकने का अनुरोध शामिल होगा.
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है लेकिन पश्चिमी देशों का कहना है कि ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है.
संयुक्त राष्ट्र ने ईरान से परमाणु कार्यक्रम रोकने को कहा था और इसके लिए उसे समय सीमा दी गई थी लेकिन ईरान ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
उल्टे ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम ऐसी गाड़ी है जिसमें न ब्रेक है और न रिवर्स गियर.
प्रतिबंध
ईरान के ख़िलाफ़ दिसंबर 2006 में सीमित प्रतिबंध लगाए गए थे जब उसने अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम रोकने से इनकार कर दिया था.
जिन देशों के बीच ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध को लेकर सहमति बनी है उनमें सुरक्षा परिषद के पाँच सदस्यों अमरीका, फ़्रांस, चीन, रुस, ब्रिटेन के अलावा जर्मनी भी शामिल है.
नए प्रस्ताव में जिन प्रतिबंधों का प्रावधान किया गया है, उनमें ऐसे व्यक्तियों की किसी भी देश में यात्रा पर रोक शामिल है जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं.
इस प्रस्ताव में ईरान से हथियार ख़रीदने और उसे ख़ास तरह के हथियार बेचने पर रोक लगाए जाने की बात कही गई है.
इसके अलावा सरकारों से अपील की गई है कि वह ईरान को कोई आर्थिक सहायता न दे.
लेकिन राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने हमेशा की तरह एक बेफ़िक्र सा बयान दिया है.
उन्होंने बुधवार को मध्य ईरान में एक आमसभा में कहा है कि प्रतिबंध लगाकर ईरान को अलग-थलग करने की पश्चिमी देशों की कोशिश नाकाम हो जाएगी.
उन्होंने कहा है कि ऐसी कोई भी कोशिश आख़िरकार विश्व शक्तियों को ही दरकिनार करेगी.