रविवार, 11 मार्च, 2007 को 18:14 GMT तक के समाचार
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि वे ख़ुद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने अपने देश के असैन्य परमाणु कार्यक्रम का बचाव करना चाहते हैं.
एक सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि राष्ट्रपति ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में सुरक्षा परिषद को समझाना चाहते हैं.
अहमदीनेजाद का बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य अमरीका, फ़्रांस, ब्रिटेन, रुस और चीन एक प्रस्ताव के मसौदे पर चर्चा कर रहे हैं जिसमें ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों को कड़ा करने का प्रावधान है.
इस चर्चा में जर्मनी भी शामिल है.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में पश्चिमी देशों का कहना है कि वह परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है.
हालांकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए ही है.
तेहरान में बीबीसी संवाददाता फ्रांसिस हैरिसन का कहना है कि अभी ये विवरण नहीं दिए गए हैं कि राष्ट्रपति अहमदीनेजाद कब सुरक्षा परिषद की बैठक में जाएँगे.
यह भी पता नहीं चला है कि क्या उन्हें सुरक्षा परिषद से निमंत्रण मिला है.
पुराना रिकॉर्ड
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की दो महीने की समय सीमा को अनदेखा कर दिया है जिसमें उसे अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने को कहा गया था.
इसके बाद ही सुरक्षा परिषद में प्रतिबंधों को कड़ा करने के लिए दूसरा प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है.
परमाणु कार्यक्रम पर महमूद अहमदीनेजाद की सख़्त टिप्पणियाँ सुर्खियाँ बनती रही हैं.
हाल ही में उन्होंने कहा था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक ऐसी ट्रेन के समान है जिसमें न तो ब्रेक हैं और न रिवर्स गियर.
ईरान में भी अहमदीनेजाद पर आरोप लगाए गए हैं कि परमाणु कार्यक्रम पर बोलते हुए वे कूटनीतिक भाषा का प्रयोग नहीं करते.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यदि वे सुरक्षा परिषद के सामने अपनी बात रख भी लेते हैं तो इस बात की संभावना कम है कि इससे कोई फ़र्क पड़ने वाला है.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से अहमदीनेजाद दो बार संयुक्त राष्ट्र में भाषण कर चुके हैं लेकिन सुरक्षा परिषद के सामने बोलने का उन्हें मौक़ा नहीं मिला है.