गुरुवार, 08 मार्च, 2007 को 15:05 GMT तक के समाचार
इराक़ में अमरीकी सेना के नए कमांडर जनरल डेविड पेट्रास का कहना है कि वहाँ जारी संघर्ष को सिर्फ़ सैनिक प्रयास से समाप्त नहीं किया जा सकता.
पिछले महीने इराक़ में कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉंफ्रेंस में जनरल पेट्रास ने कहा कि यह ज़रुरी है कि विरोधी गुट भी वार्ता की मेज़ पर आएँ.
उन्होंने कहा कि बग़दाद की सुरक्षा के लिए जो नई योजना बनाई गई है उसमें शुरुआती दिक्क़तें आई हैं लेकिन आने वाले दिनों में हिंसा पर काबू पाया जा सकेगा.
इस बीच अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने इराक़ में हिंसा पर नियंत्रण के लिए दो हज़ार अतिरिक्त सैन्य पुलिस बल भेजने की घोषणा की है.
राजनीतिक प्रयास पर ज़ोर
जनरल पेट्रास ने कहा, " इराक़ जैसी समस्या के लिए कोई सैनिक समाधान नहीं हो सकता. सैनिक कार्रवाई से सुरक्षा बेहतर की जा सकती है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. इसके लिए राजनीतिक सुलह ज़रुरी है."
पेट्रास का कहना था कि इराक़ में कुछ समूह ऐसे हैं जिनका मानना है कि इराक़ की नई व्यवस्था में उनके लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे समूहों से वार्ता ज़रुरी है.
बग़दाद की सुरक्षा योजना के बारे में पेट्रास ने कहा कि अभी इसकी सफलता के बारे में कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी.
उन्होंने यह माना कि आने वाले दिनों में अप्रत्याशित हमले होते रहेंगे.
बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता रॉब वाटसन कहते हैं कि बग़दाद की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में सैनिक नहीं हैं क्योंकि हिंसक घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं.
जनरल पेट्रास ने स्पष्ट किया कि इराक़ में शिया और सुन्नियों के बीच चल रही हिंसा पर भी नियंत्रण करना ज़रुरी है क्योंकि इन झड़पों ने देश के सामुदायिक ताने बाने को ध्वस्त कर दिया है.