मंगलवार, 06 मार्च, 2007 को 16:25 GMT तक के समाचार
इराक़ में पुलिस ने कहा है कि राजधानी बग़दाद के दक्षिणी इलाक़े में शिया श्रद्धालुओं पर आत्मघाती हमलों के ज़रिए दो भीषण धमाके किए गए हैं जिनमें कम से कम 90 लोग मारे गए और 150 से ज़्यादा घायल हो गए.
हिला शहर में हुए धमाके से भारी क्षति हुई है. करबला शहर में होने वाले एक धार्मिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए जाने वाले शिया श्रद्धालुओं पर हाल में हुए अनेक हमलों में से एक यह भी था.
राजधानी बग़दाद से करबला के लिए हाल के समय में जैसे ही एक काफ़िला चला था तो कार बम धमाके हुए जिनमें कम से कम सात लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए थे.
इसके अलावा बग़दाद के दक्षिण में लतीफ़िया इलाक़े में गोलीबारी की दो घटनाएँ हुई जिनमें तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई.
हिला में हमला दोपहरबाद हुआ जब दो आत्मघाती हमलावरों ने ख़ुद से बांधी हुई बारूदी पट्टी में विस्फोट कर दिया. यह विस्फोट उन्होंने श्रद्धालुओं की भीड़ में किया.
करबला में होने वाले एक धार्मिक समारोह अरबाईन में भाग लेने के लिए इराक़ के विभिन्न हिस्सों से हज़ारों श्रद्धालु वहाँ के लिए रवाना हो रहे हैं.
अरबाईन यानी चेहल्लुम पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार की सन 681 में एक अरब शासक यज़ीद के हाथों मौत के चालीस दिन बाद मनाया जाता है.
इराक़ में ये श्रद्धालु इसी मौक़े पर हिस्सा लेने के लिए करबला जा रहे थे.
गंभीर
एक स्थानीय अस्पताल के एक डॉक्टर मोहम्मद तमीनी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "घायलों में 50 की हालत गंभीर है और मृतकों में अस्सी प्रतिशत युवा हैं लेकिन उनमें बच्चे और औरतें भी हैं."
फ़रवरी 2006 में समारा में एक शिया दरगाह पर हुए भीषण विस्फोट के बाद से शिया और सुन्नियों के बीच हिंसा भड़क उठी और तब से इस हिंसा में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं.
वर्ष 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद अकेला सबसे भीषण हमला फ़रवरी 2007 में हुआ जब विस्फोटकों से भरे एक ट्रक के ज़रिए एक भीड़ भरे बाज़ार में विस्फोट किया गया.
उस अकेले हमले में 130 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.